राजस्थान शिक्षा क्रांति: सीएम भजनलाल शर्मा के विजन से सुधरा शैक्षणिक परिदृश्य, बजट 2026-27 में नवाचारों की बौछार

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में शिक्षा का चेहरा तेजी से बदल रहा है। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्राॅप आउट रेट) में भारी कमी आई है और उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या (संक्रमण दर) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बजट 2026-27 के प्रावधानों ने गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के प्रति सरकार के संतुलित विजन को स्पष्ट कर दिया है।

आंकड़ों में सुधार: ड्राॅप आउट रेट में भारी गिरावट

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, राजस्थान के शैक्षणिक संकेतकों में पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है:

शिक्षा स्तरड्राॅप आउट रेट (2023-24)ड्राॅप आउट रेट (2024-25)संक्रमण दर (सुधार)
प्राथमिक स्तर7.6%3.6%प्राथमिक से उच्च प्राथमिक: 93.8%
माध्यमिक स्तर11.1%7.7%माध्यमिक से उच्च माध्यमिक: 88.2%

बजट 2026-27: शिक्षा के लिए खुला खजाना

राज्य सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी वित्तीय प्रावधान किए हैं:

  • प्रारम्भिक शिक्षा: 21 हजार 646 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • माध्यमिक शिक्षा: 19 हजार 473 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • समग्र शिक्षा अभियान: कुल 16 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय प्रस्तावित।
  • प्राइवेट स्कूल पुनर्भरण (RTE): निजी विद्यालयों को शिक्षण शुल्क पुनर्भरण के लिए 1 हजार 250 करोड़ रुपये।

पारदर्शिता के लिए ‘ई-वाउचर’ और ‘DBT’ मॉडल

विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने सीधा लाभ हस्तांतरण (DBT) और ई-वाउचर की शुरुआत की है:

  • मेधावी विद्यार्थी: कक्षा 8, 10 और 12 के मेधावी छात्रों को टेबलेट/लैपटॉप हेतु 20 हजार रुपये का ई-वाउचर।
  • छात्राओं को साइकिल: कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाली 3.90 लाख बालिकाओं को साइकिल हेतु ई-वाउचर।
  • निःशुल्क यूनिफॉर्म: कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख विद्यार्थियों के लिए 250 करोड़ रुपये का DBT प्रावधान।

भविष्य की शिक्षा: AI लैब्स और CM राइज स्कूल

रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘स्कूल टू वर्क’ और ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसे नवाचार कर रही है:

  • सीएम राइज विद्यालय: 400 स्कूलों को ‘सीएम राइज’ में क्रमोन्नत किया जाएगा (बजट: 1000 करोड़ रुपये)।
  • AI लर्निंग लैब्स: एक हजार विद्यालयों में एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स की स्थापना।
  • स्पेस गैलरी: जयपुर और जोधपुर में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए विशेष गैलरी।

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