जयपुर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। करदाताओं की भारी उत्सुकता के बीच वित्त मंत्री ने साफ किया कि इस वर्ष इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों के लिए कई अन्य बड़े ऐलानों ने राहत पहुंचाई है।
1. नया इनकम टैक्स एक्ट 2025: 1 अप्रैल से बदलेगा नियम
बजट का सबसे बड़ा ऐलान ‘नया आयकर अधिनियम 2025’ रहा, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका उद्देश्य टैक्स कानूनों को सरल बनाना और कानूनी पेचीदगियों को कम करना है।
- एक्ट की धाराओं को 819 से घटाकर 536 कर दिया गया है।
- रिवाइज्ड ITR फाइल करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है।
2. विदेशी यात्रा और शिक्षा के लिए TCS में भारी कटौती
विदेश जाने वालों और बाहर पढ़ाई कर रहे बच्चों के माता-पिता के लिए यह बजट बड़ी राहत लेकर आया है। ओवरसीज टूर पैकेज और विदेश में शिक्षा/चिकित्सा के लिए पैसा भेजने पर लगने वाली TCS (Tax Collected at Source) दर को 5% और 20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
3. इनकम टैक्स स्लैब: यथावत रहेगी पिछले वर्ष की व्यवस्था
चूंकि स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी वही दरें प्रभावी रहेंगी जो पिछले साल घोषित की गई थीं:
न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) – 2026 | आय की सीमा | टैक्स की दर | | :— | :— | | ₹0 से ₹4 लाख तक | शून्य (Nil) | | ₹4 लाख से ₹8 लाख तक | 5% | | ₹8 लाख से ₹12 लाख तक | 10% | | ₹12 लाख से ₹16 लाख तक | 15% | | ₹16 लाख से ₹20 लाख तक | 20% | | ₹20 लाख से ₹24 लाख तक | 25% | | ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
नोट: स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ जोड़ने पर नए टैक्स रिजीम में ₹12.75 लाख तक की आय पर ‘जीरो टैक्स’ की सुविधा बनी रहेगी।
4. शेयर बाजार और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
- STT में बढ़ोतरी: फ्यूचर्स पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शन्स पर 0.15% कर दिया गया है, जिससे F&O ट्रेडिंग महंगी होगी।
- शेयर बायबैक: अब कंपनियों द्वारा शेयर बायबैक पर होने वाले लाभ पर शेयरधारकों को ‘कैपिटल गेन्स’ टैक्स देना होगा।
- विदेशी संपत्ति: छोटे करदाताओं (छात्रों और प्रोफेशनल्स) के लिए विदेशी संपत्ति घोषित करने की 6 महीने की एकमुश्त छूट योजना की घोषणा की गई है।
5. अन्य राहतें
- दवाएं सस्ती: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 24 अन्य दवाओं को सीमा शुल्क (Customs Duty) से मुक्त कर दिया गया है।
- ब्याज पर छूट: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
