जयपुर, जयपुर डिस्कॉम ने अनुपयोगी सामग्री (स्क्रेप मैटेरियल) के निस्तारण में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक डिस्कॉम ने अपने 13 वृत्त भंडारों से अनुपयोगी सामान के ऑक्शन (नीलामी) के जरिए 104.39 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व जुटाया है। यह राशि पिछले कई वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है।
5 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, राजस्व में भारी उछाल
डिस्कॉम प्रबंधन की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल जनवरी तक ही 221 बार ऑक्शन किए जा चुके हैं, जबकि पिछले पूरे साल में यह संख्या मात्र 185 थी।
पिछले वर्षों का राजस्व एक नज़र में:
- 2025-26 (अब तक): ₹104.39 करोड़ (लक्ष्य ₹125 करोड़)
- 2024-25: ₹55.76 करोड़
- 2023-24: ₹61.29 करोड़
- 2020-21: ₹30.85 करोड़
15 साल से खड़े 34 कंडम वाहनों की भी हुई विदाई
भंडार गृहों में धूल फांक रहे 15 साल से पुराने वाहनों का निस्तारण करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इन पर बकाया रोड टैक्स और अन्य तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए डिस्कॉम प्रबंधन ने परिवहन विभाग के साथ तालमेल बिठाया। नतीजतन, 48 चिन्हित वाहनों में से 34 अनुपयोगी वाहनों की सफल नीलामी की गई।
कमाई में अलवर और जयपुर जिला वृत्त सबसे आगे
राजस्व जुटाने के मामले में अलवर वृत्त ने बाजी मारी है, जबकि जयपुर जिला वृत्त दूसरे स्थान पर रहा है।
- अलवर वृत्त: ₹24.79 करोड़
- जयपुर जिला वृत्त: ₹21.99 करोड़
- दौसा: ₹9.34 करोड़
- भरतपुर: ₹6.26 करोड़
- कोटा: ₹5.66 करोड़
मॉनिटरिंग और सर्वे से मिली सफलता
आमतौर पर अधिकारी दैनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण ऑक्शन प्रक्रिया पर ध्यान नहीं दे पाते थे, जिससे स्क्रेप सामान जंग खाकर खराब हो जाता था। इस बार मुख्य अभियंता (पदार्थ प्रबंधन) और अधीक्षण अभियंता की टीम ने फील्ड में पड़े नीलाम योग्य सामान की सर्वे रिपोर्ट तैयार की और नियमित मॉनिटरिंग की। इसी रणनीति के कारण दो महीने शेष रहते ही डिस्कॉम ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है।
