जयपुर, गुलाबी नगरी में एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान के मशहूर अधिवक्ता दीपक चौहान की हत्या की एक बड़ी साजिश को पुलिस की मुस्तैदी ने फिलहाल टाल दिया है। हथियारबंद बदमाशों ने एडवोकेट चौहान के फ्लैट तक रेकी की थी और वे उन्हें निशाना बनाने के बेहद करीब थे। इस पूरे मामले का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
कैसे हुआ साजिश का पर्दाफाश?
इस खतरनाक साजिश का खुलासा एक ज्वेलरी कारोबारी की पत्नी के माध्यम से हुआ। दरअसल, हथियारबंद बदमाशों ने पहले गलती से कारोबारी की पत्नी का पीछा किया। अपनी जान बचाने के लिए महिला भागकर अशोक नगर थाने पहुँची। जब पुलिसकर्मी महिला की मदद के लिए बाहर आए और बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, तो बदमाश अपनी गाड़ियां छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
सीसीटीवी ने खोली पोल: वकील थे असली टारगेट
पुलिस ने जब मौके से मिली बीएमडब्ल्यू (BMW) कार, स्कूटी और बाइक की जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। बदमाशों का असली टारगेट ज्वेलरी कारोबारी की पत्नी नहीं, बल्कि हाई कोर्ट के नामी वकील दीपक चौहान थे।
- 3 दिन की रेकी: शूटर्स ने हाई कोर्ट से लेकर वकील के फ्लैट तक लगातार तीन दिनों तक रेकी की थी।
- हाई-टेक गाड़ियाँ: बदमाश बीएमडब्ल्यू कार, बाइक और स्कूटी पर सवार होकर वकील के फ्लैट में भी घुस गए थे।
- बाल-बाल बचे एडवोकेट: एडवोकेट दीपक चौहान पिछले तीन दिनों से अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे, जिसके कारण वे बदमाशों के सीधे वार से बच गए।
भारी पुलिस बल तैनात, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवोकेट दीपक चौहान के फ्लैट के बाहर भारी पुलिस जाब्ता और सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) राहुल प्रकाश खुद इस पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं। कमिश्नरेट स्पेशल टीम (CST) और जिला स्पेशल टीम (DST) सहित करीब 50 पुलिसकर्मी इस गुत्थी को सुलझाने और बदमाशों की धरपकड़ में जुटे हैं।
अधिवक्ता दीपक चौहान हाई कोर्ट में कई बड़े क्रिमिनल केस की पैरवी कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे कौन सा कुख्यात गैंग है और हत्या की कोशिश के पीछे का असली मकसद क्या था।
