जयपुर, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) ने अपने बेपरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यशैली सुधारने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग की छवि को बेहतर बनाने और आमजन की शिकायतों का समय पर निस्तारण करने के लिए सचिव (प्रशासन) ने नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अब यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ता है या ड्यूटी से नदारद पाया जाता है, तो उसे भारी परिणाम भुगतने होंगे।
नए दिशा-निर्देशों के मुख्य बिंदु:

- मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी: कोई भी कार्मिक अब सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय (Headquarter) नहीं छोड़ पाएगा। ऐसा करने पर इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- 24×7 ऑन रखना होगा मोबाइल: बिजली सेवाओं को अनिवार्य सेवा मानते हुए यह आदेश दिया गया है कि छुट्टी के दिन भी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपना मोबाइल फोन ‘ON’ रखना होगा। आपातकालीन स्थिति में कॉल नहीं उठाना अब भारी पड़ सकता है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई: बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। लापरवाह कर्मचारियों पर अब सीधे अनुशासनात्मक गाज गिरेगी।
- जनता के काम में तेजी: इन आदेशों का मुख्य उद्देश्य बिजली से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता व समयबद्धता लाना है।
क्यों पड़ी सख्त आदेशों की जरूरत?
अक्सर यह शिकायतें मिल रही थीं कि फील्ड में तैनात अधिकारी और कर्मचारी कॉल अटेंड नहीं करते या बिना बताए मुख्यालय से गायब रहते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को बिजली कटौती या तकनीकी खराबी के समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए सचिव (प्रशासन) ने यह आदेश लागू किए हैं।
“विभाग की छवि और उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। ड्यूटी के प्रति लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” — प्रशासनिक आदेश का सारांश
