राजस्थान में ‘गिव अप’ अभियान की बड़ी सफलता: 54 लाख संपन्न लोगों ने छोड़ी सब्सिडी, 73 लाख नए पात्रों को मिला राशन

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदेश में चलाए गए ‘गिव अप अभियान’ के माध्यम से सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की गई है। इस अभियान के तहत अब तक 54.36 लाख संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची (NFSA) से अपना नाम हटवाया है।

73 लाख वंचितों को मिली खाद्य सुरक्षा

मंत्री गोदारा ने बताया कि संपन्न लोगों द्वारा नाम हटवाने और करीब 27 लाख लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी नहीं करवाने से खाद्य सुरक्षा सूची में बड़े पैमाने पर रिक्तियां बनीं। इसके फलस्वरूप, राज्य सरकार ने अब तक 73 लाख नए पात्र लाभार्थियों को इस सूची से जोड़कर उन्हें राशन का लाभ देना शुरू कर दिया है।

खास उपलब्धि: राजस्थान वर्तमान में देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ एनएफएसए (NFSA) सूची में 11 लाख रिक्तियां अभी भी मौजूद हैं, जिन्हें भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।

जिलेवार प्रदर्शन: जयपुर अव्वल, बाड़मेर-सीकर भी आगे

नए लाभार्थियों को जोड़ने के मामले में जिलों की स्थिति इस प्रकार रही:

  • प्रथम: जयपुर (3.17 लाख नए पात्र जुड़े)
  • द्वितीय: बाड़मेर (3.07 लाख नए पात्र जुड़े)
  • तृतीय: सीकर (3.04 लाख नए पात्र जुड़े)

अब मशीनों से निकलेगा राशन: खुलेंगे ‘अनाज एटीएम’

तकनीकी नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए खाद्य मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के तीन जिलों— जयपुर, बीकानेर और भरतपुर में ‘अनाज एटीएम’ खोले जाएंगे। इन एटीएम के माध्यम से लाभार्थी बिना उचित मूल्य की दुकान (डीलर) पर जाए, सीधे अपने राशन कार्ड का उपयोग कर मशीन से राशन प्राप्त कर सकेंगे।

अपात्रों को अंतिम चेतावनी

गोदारा ने स्पष्ट किया कि ‘गिव अप अभियान’ की अवधि 28 फरवरी को समाप्त हो रही है। यदि इस तिथि तक अपात्र लोग स्वेच्छा से अपना नाम नहीं हटवाते हैं, तो विभाग द्वारा उनके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में विभागीय अधिकारी महीने में 8 दिन फील्ड विजिट कर आवेदनों की त्रिस्तरीय जांच कर रहे हैं ताकि केवल वास्तविक पात्रों को ही लाभ मिले।

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