जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के मंच पर अयोध्या के पूर्व राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रसिद्ध लेखक और कवि यतीन्द्र मिश्र को इस वर्ष के कन्हैयालाल सेठिया अवॉर्ड से नवाजा गया है। सम्मान ग्रहण करने के बाद यतीन्द्र मिश्र ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि वे कभी भी किसी रेस का हिस्सा नहीं रहे और न ही उन्होंने कभी पुरस्कार की उम्मीद में लेखन किया।
माता-पिता को किया याद
अवॉर्ड मिलने की खुशी के बीच यतीन्द्र मिश्र भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आज जब यह सम्मान मिला है, तो मेरे माता-पिता मेरे साथ नहीं हैं, जिसका मुझे गहरा दुख है। अगर वे आज होते, तो पहले की तरह मैं अपना यह अवॉर्ड उनके साथ साझा करता।” अपनी कविता की कुछ पंक्तियाँ साझा करते हुए उन्होंने अपनी स्थिति बयां की:
“कुछ तो मेरे पिंदारे मोहब्बत का रख, तू भी तो मुझे कभी मिलने आ…”
किताब ‘पंख दिए आकाश न दोगे’ का अनावरण
इस खास अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार कन्हैयालाल सेठिया की पुस्तक ‘पंख दिए आकाश न दोगे’ का भी अनावरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर जेएलएफ की सह-निदेशक नमिता गोखले, कन्हैयालाल सेठिया के पुत्र जयप्रकाश सेठिया और लेखक रणजीत भी उपस्थित रहे।
‘अयोध्या के राजा सिर्फ राम हैं’
समारोह के दौरान फेस्टिवल डायरेक्टर संजोय रॉय ने यतीन्द्र मिश्र का परिचय देते हुए कहा कि अयोध्या के राजा सिर्फ प्रभु श्री राम हैं और हम सभी उनके सेवक हैं। यतीन्द्र मिश्र ने इस गरिमामयी सम्मान के लिए संजोय रॉय और चयन समिति का आभार व्यक्त किया।
