जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जिले ने साइबर अपराधियों और मोबाइल चोरों के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) श्री करन शर्मा के कुशल निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश करते हुए सैकड़ों गुमशुदा मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुँचाए गए हैं।
करोड़ों की रिकवरी: 590 मोबाइल असली मालिकों के पास
जयपुर नॉर्थ पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 590 चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
- इन बरामदशुदा मोबाइलों में आधुनिक एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स और आईफोन्स (iPhones) शामिल हैं।
- बरामद किए गए कुल मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत 1.06 करोड़ रुपये आँकी गई है।
- यह सफलता भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के प्रभावी उपयोग और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से प्राप्त हुई है।
- शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ये मोबाइल फोन उनके मूल मालिकों को सुपुर्द किए गए।

साइबर ठगी पर स्ट्राइक: 1.70 करोड़ रुपये का रिफंड
विशेष साइबर अनुसंधान इकाई जयपुर उत्तर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के विरुद्ध वित्तीय प्रहार करते हुए शानदार सफलता हासिल की है।
- वर्ष 2025 और 2026 में अब तक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 4.88 करोड़ रुपये की राशि को होल्ड करवाया गया है।
- पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए लगभग 1.70 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक रिफंड करवा दी है।
- शेष राशि को भी जल्द वापस दिलाने के लिए विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
‘म्यूल हंटर’ अभियान: 4 साइबर ठगों की गिरफ्तारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए गए विशेष अभियान “म्यूल हंटर” के तहत फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड का उपयोग करने वाले गिरोहों को निशाना बनाया गया।
- इस अभियान के तहत पुलिस थाना विद्याधर नगर, जालूपुरा और माणकचौक में मुकदमे दर्ज कर 4 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
- गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से 22 मोबाइल, 05 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
- साथ ही, 06 अन्य संदिग्धों के विरुद्ध निरोधात्मक (इंसदादी) कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

जागरूकता: साइबर सुरक्षा के प्रति आमजन को किया सचेत
साइबर यूनिट जयपुर उत्तर द्वारा आमजन और शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों और नागरिकों को राजकॉप सिटीजन एप, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल, चक्षु पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन के बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी दी गई ताकि वे भविष्य में किसी भी धोखाधड़ी का शिकार न हों।
कार्यवाही टीम का सराहनीय योगदान: इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री नीरज पाठक और श्री बजरंग सिंह के सुपरविजन में सहायक पुलिस आयुक्त श्री प्रदीप कुमार गोयल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइल बरामदगी में विद्याधर नगर के श्री प्रदीप कुमार, माणकचौक के श्री मनजीत चौधरी और गलतागेट के श्री विजय कुमार का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा।
