राजस्थान में औद्योगिक क्रांति: 2 साल में ₹8 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर, राज्यवर्द्धन राठौड़ ने बताया 2026 का रोडमैप

जयपुर, 16 जनवरी, 2026। राजस्थान सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में औद्योगिक विकास के आंकड़ों ने नए उत्साह का संचार किया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश ‘राइजिंग राजस्थान’ के संकल्प के साथ निवेश का सबसे पसंदीदा केंद्र बनकर उभरा है।

निवेश और धरातल पर क्रियान्वयन

मंत्री राठौड़ ने जानकारी दी कि ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के माध्यम से निवेशकों ने राज्य पर अटूट भरोसा जताया है।

  • कुल एमओयू (MoU): लगभग ₹35 लाख करोड़।
  • धरातल पर क्रियान्वयन: ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतर चुके हैं।
  • रीको (RIICO) की भूमिका: अप्रैल-दिसंबर 2025 के बीच भूमि आवंटन की लागत बढ़कर ₹3,200 करोड़ हो गई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में मात्र ₹700 करोड़ थी।

नए औद्योगिक क्षेत्र और टाउनशिप

सरकार ने औद्योगिक विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है:

  • जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA): यह 3,600 हेक्टेयर पर विकसित की जा रही राज्य की पहली पूर्ण ‘इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ है। यहाँ वर्ष 2042 तक 3 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
  • नए क्षेत्र: पिछले 9 महीनों में 20 नए औद्योगिक क्षेत्र खोले गए हैं।
  • लॉजिस्टिक हब: अगले 5 वर्षों में राज्य में 10 नए ICD-MMLH (मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब) स्थापित किए जाएंगे।

प्रमुख कानून और नीतिगत सुधार

उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:

  1. राजस्थान भू-राजस्व (संशोधन एवं विधिमान्य) अधिनियम 2025: इस नए कानून से रीको को भूमि प्रबंधन और परिवर्तन के पूर्ण अधिकार मिल गए हैं, जिससे पुराने कानूनी विवाद समाप्त होंगे।
  2. निजी भूमि एकत्रीकरण विधेयक: भूमि अवाप्ति की जटिलता को दूर करने के लिए नया विधेयक लाया जा रहा है, जिससे किसान विकास में भागीदार बनेंगे और उन्हें नकद मुआवजे के बदले विकसित भूमि मिलेगी।
  3. नई नीतियां: जल्द ही सेमीकंडक्टर पॉलिसी और एयरोस्पेस एवं डिफेंस पॉलिसी जारी की जाएगी।

2026 का विजन और रोडमैप

मंत्री राठौड़ ने वर्ष 2026 के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया:

  • दौसा-बांदीकुई: नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास।
  • भीलवाड़ा: टेक्सटाइल पार्क का विस्तार।
  • किशनगढ़: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जोन और अत्याधुनिक डिफेंस उत्पादों का उत्पादन।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: बिजनेस मॉडल को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना।

रीको प्रबंध निदेशक शिवांगी स्वर्णकार ने बताया कि नीतियों के सरलीकरण से निवेशकों की रुचि बढ़ी है और 2026 में पार्क प्रमोशन व इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

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