करौली: नगरपालिका की लापरवाही, 2 साल से PF नहीं मिलने पर सफाई कर्मियों का कार्य बहिष्कार, कस्बे में लगा गंदगी का ढेर

करौली, राजस्थान के करौली जिले के मंडरायल नगरपालिका में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सफाई कर्मचारियों ने पिछले दो साल से भविष्य निधि (PF) का भुगतान नहीं होने और अधिकारियों की कथित वादाखिलाफी के विरोध में तीन दिनों से कार्य बहिष्कार कर दिया है। शुक्रवार को आक्रोशित कर्मचारी उपखंड मुख्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन वहां अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उनका ज्ञापन तक नहीं लिया गया, जिससे रोष और बढ़ गया।


PF भुगतान को लेकर गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारी लक्ष्मण हरिजन और गोलू हरिजन ने बताया कि उन्हें पिछले 24 महीनों से पीएफ का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदार उन्हें बार-बार गुमराह कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि, “हमें ऐसा महसूस हो रहा है कि हमारे खून-पसीने की कमाई (पीएफ) को हड़पने की नियत से हमें बेवकूफ बनाया जा रहा है।”

3 दिन से सफाई ठप, कस्बे में बढ़ी बीमारियां

सफाई कर्मियों की हड़ताल का सीधा असर मंडरायल कस्बे की स्वच्छता पर पड़ा है। पिछले तीन दिनों से कचरा न उठने के कारण:

  • कस्बे के मुख्य बाजारों और गलियों में कचरे के बड़े ढेर लग गए हैं।
  • चारों ओर फैल रही बदबू से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है।
  • गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे लेकर कस्बेवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।

प्रशासन की बेरुखी से नाराजगी

हड़ताली कर्मचारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे थे। उपखंड अधिकारी (SDO) के मौजूद न होने के कारण किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी ने उनका ज्ञापन स्वीकार नहीं किया। इसके बाद कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में ही प्रदर्शन किया और मीडिया के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।


प्रदर्शन में ये रहे शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल थे, जिनमें मुख्य रूप से सचिन हरिजन, बिष्णु, पूनम, राजेश, दीपक, विनीता, मीरा, राजनंदनी, सीमा, सरोज, अंजलि, पिंकी, कमल, ज्योति, लक्ष्मण कुमार, भोलू और लालाराम सहित अन्य उपस्थित रहे।

चेतावनी: कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी पीएफ की राशि का भुगतान नहीं होता और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

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