बीकानेर: ‘हेरिटेज वॉक’ के साथ अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का भव्य आगाज, राजस्थानी जायके और संस्कृति के कायल हुए विदेशी मेहमान

बीकानेर, मरुधरा की सांस्कृतिक विरासत और ‘रेगिस्तान के जहाज’ के सम्मान में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध ‘अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव’ शुक्रवार से बीकानेर में शुरू हो गया। उत्सव का औपचारिक शुभारंभ हेरिटेज वॉक के साथ हुआ, जिसमें बीकानेर की हवेलियों, लोक कलाओं और स्थानीय परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

प्रमुख अतिथियों ने किया शुभारंभ

उत्सव का आगाज मुख्य अतिथि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास और जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर श्री मेघवाल ने कहा कि यह तीन दिवसीय उत्सव बीकानेर के पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई देगा। उन्होंने घोषणा की कि स्थानीय लोक कलाकारों को भारत सरकार के विभिन्न संस्थानों से जोड़कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा। उन्होंने शहर की ‘एक हजार हवेलियों’ के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इस विरासत को अक्षुण्ण रखा जाएगा।

हेरिटेज वॉक: जब सड़कों पर उतरा ‘मिनी राजस्थान’

लक्ष्मीनाथ मंदिर से शुरू होकर रामपुरिया हवेली तक आयोजित इस वॉक में बीकानेर की स्थापत्य कला और लोक संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले।

  • सांस्कृतिक छटा: स्थानीय कलाकार नगाड़ा, मस्क और चंग की थाप पर थिरकते नजर आए।
  • सैलानियों का उत्साह: देशी-विदेशी सैलानी बीकानेरी साफा पहनकर और पारंपरिक वेशभूषा में सराबोर होकर इस पैदल यात्रा का हिस्सा बने।
  • स्वागत सत्कार: शहरवासियों ने अपने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर और रंगोलियां सजाकर मेहमानों का ‘पधारो म्हारे देस’ की भावना के साथ स्वागत किया।

खास आकर्षण: सूर्य नमस्कार स्कल्पचर्स और ईको-फ्रेंडली नवाचार

केंद्रीय मंत्री ने उद्योग संघ परिसर में सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं पर आधारित स्कल्पचर्स (मूर्तियों) का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये मूर्तियां आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगी। साथ ही, उन्होंने संदीप नौलखा की पहल पर तैयार की गई बिजली रहित और पर्यावरण अनुकूल जल शीतलन व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे आधुनिक युग में पारंपरिक ज्ञान का बेहतरीन उदाहरण बताया।

देसी जायका: विदेशी मेहमानों ने जाजम पर चखी ‘राबड़ी और खींचड़ा’

उत्सव के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विदेशी पावणों (मेहमानों) की अगवानी की। खास बात यह रही कि मंत्री ने विदेशी मेहमानों के साथ जमीन पर जाजम बिछाकर पारंपरिक बीकानेरी भोजन का आनंद लिया। विदेशी मेहमानों ने बाजरे की रोटी, राबड़ी, खींचड़ा, केअर-सांगरी की सब्जी और फळी-पापड़ जैसे शुद्ध देसी व्यंजनों का लुत्फ उठाया, जो उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।


उत्सव का आगामी कार्यक्रम (10-11 जनवरी)

तिथिप्रमुख आयोजनस्थान
10 जनवरीऊंट सज्जा, फर कटिंग और ऊंट नृत्य प्रतियोगिताडॉ. करणी सिंह स्टेडियम
11 जनवरीग्रामीण खेल (रस्साकशी, मटका दौड़), कैमल सफारीरायसर के धोरें
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