कुसुम योजना: सोलर जनरेशन में ट्रिपिंग से होने वाली हानि को रोकें, चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा के सख्त निर्देश

जयपुर, चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने मंगलवार को विद्युत भवन में पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने वाले किसानों और डेवलपर्स के साथ सीधा संवाद किया। बैठक में उन्होंने बिजली की अनावश्यक ‘ट्रिपिंग’ को सौर ऊर्जा उत्पादन में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए इसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए।

दिन के समय ट्रिपिंग मुक्त बिजली पर जोर

बैठक में जयपुर डिस्कॉम के सभी वृत्तों के अधीक्षण अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। डोगरा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • निर्बाध उत्पादन: जिन क्षेत्रों में कुसुम योजना के प्लांट लगे हैं, वहां दिन के समय ट्रिपिंग न हो ताकि प्लांट बार-बार बंद होने से होने वाली ऊर्जा हानि को रोका जा सके।
  • स्मार्ट मेंटेनेंस: जीएसएस, फीडर या लाइनों के रखरखाव (Maintenance) का समय इस तरह तय किया जाए जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
  • वित्तीय सहायता: डेवलपर्स को निर्देश दिए गए कि वे केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) प्राप्त करने के लिए अपनी कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी करें, ताकि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) से समन्वय कर फंड जारी कराया जा सके।

किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान

संवाद के दौरान सौर ऊर्जा उत्पादकों और किसानों ने अपनी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं चेयरमैन के समक्ष रखीं। सुश्री डोगरा ने मौके पर ही संबंधित अभियंताओं को इन समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने का भी एक सशक्त माध्यम है।


प्रमुख बिंदु (Highlights):

  • ट्रिपिंग पर रोक: सोलर प्लांट वाले क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती और ट्रिपिंग को न्यूनतम करने के निर्देश।
  • रखरखाव प्रबंधन: मेंटेनेंस कार्यों के लिए ऐसा समय चुनने पर जोर जिससे उत्पादन बाधित न हो।
  • केंद्रीय अनुदान: डवलपरों को CFA की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
  • अधिकारी सतर्क: जयपुर डिस्कॉम के सभी वृत्तों के अधीक्षण अभियंताओं को जमीनी समस्याओं को तुरंत हल करने की जिम्मेदारी सौंपी।
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