जयपुर, राजस्थान में इस बार जनवरी का महीना ऐतिहासिक रूप से सर्द रहने वाला है। उत्तर ध्रुव (North Pole) के ऊपर ठंडी हवाओं के घेरे यानी ‘पोलर वोर्टेक्स’ में आई दरार ने मैदानी इलाकों में बर्फ जैसी ठंड पहुंचा दी है। मौसम विभाग ने पूरे जनवरी माह के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की यह स्थिति महीने के अंत तक बार-बार बनी रहेगी।
क्या है ‘पोलर सिस्टम’ जिसने बढ़ाई मुसीबत?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, ध्रुवों के ऊपर ठंडी हवाओं का एक मजबूत घेरा होता है जो बर्फीली हवाओं को वहीं सीमित रखता है। इस बार इस घेरे में दरार पड़ने से उत्तरी गोलार्ध के बड़े हिस्से में बेहद ठंडी हवाएं फैल गई हैं। इसका सीधा असर राजस्थान में शीतलहर, पहाड़ों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में घने कोहरे के रूप में दिख रहा है।
तापमान का गणित: माउंट आबू से भी ठंडे रहे ये शहर

बीती रात प्रदेश के 5 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि डूंगरपुर का तापमान माउंट आबू से भी कम रहा।
प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस): | शहर | न्यूनतम तापमान (°C) | | :— | :— | | डूंगरपुर | 3.0 (प्रदेश में सबसे ठंडा) | | सिरोही | 4.1 | | माउंट आबू | 4.4 | | पाली | 4.7 | | श्रीगंगानगर | 5.1 | | अजमेर | 5.3 | | सीकर | 6.0 |
राजधानी जयपुर: कोहरे और गलन ने थामी रफ्तार

जयपुर में लगातार दूसरी रात सीजन की सबसे सर्द रात रही, जहाँ न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। मंगलवार सुबह राजधानी घने कोहरे (Dense Fog) की चादर में लिपटी रही। कई इलाकों में दृश्यता (Visibility) शून्य दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।
अन्य जिलों का हाल
- शेखावाटी क्षेत्र: पिलानी में 7.4 और फतेहपुर में 6.7 डिग्री तापमान रहा।
- पश्चिमी राजस्थान: जैसलमेर (8.4), बीकानेर (8.5) और चूरू (8.6) में भी कड़ाके की ठंड का असर रहा।
- हाड़ौती और मेवाड़: कोटा में 7.7 और डबोक में 5.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
अगले 24 घंटे की चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभों की संख्या बढ़ने से शीतलहर का प्रकोप और तेज होगा। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने और घने कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय हेडलाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी है।
