जयपुर में थमेगी रफ्तार, गूँजेगा शौर्य: 8 से 15 जनवरी तक ‘सेना दिवस परेड’ का महाकुंभ, कलक्टर ने की व्यापक जनसहयोग की अपील

जयपुर, गुलाबी नगरी जयपुर एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है जो पहले कभी नहीं हुआ। 15 जनवरी को होने वाली ‘सेना दिवस परेड-2026’ के भव्य आयोजन के लिए शहर में तैयारियां युद्धस्तर पर हैं। इस गौरवशाली आयोजन को सफल बनाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शहर के प्रमुख व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक संगठनों के साथ विशेष समन्वय बैठक की।

पहली बार छावनी के बाहर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

कलक्टर डॉ. सोनी ने बताया कि यह गौरव की बात है कि पहली बार सेना दिवस परेड को किसी सैन्य छावनी (Cantonment) से बाहर आम जनता के बीच आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र प्रेम जगाना और सेना के प्रति सम्मान प्रकट करना है। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की कि वे इस ‘शौर्य उत्सव’ में न केवल सहभागी बनें, बल्कि आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें।

पूरे सप्ताह का कार्यक्रम (Schedule At a Glance)

बैठक में सेना दिवस के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई:

कार्यक्रमदिनांकसमयस्थान
सेना दिवस परेड (रिहर्सल)9, 11, 13 जनवरीप्रातः 7:00 बजेमहल रोड, जगतपुरा
मुख्य सेना दिवस परेड15 जनवरीप्रातः 7:00 बजेमहल रोड, जगतपुरा
शौर्य संध्या10 और 15 जनवरीसायं 4:30 बजेसवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम
अपनी सेना को जानिए (प्रदर्शनी)9 से 12 जनवरीप्रातः 9:30 – सायं 6:00भवानी निकेतन, सीकर रोड

क्या होगा खास?

  • 9 जनवरी (महिला विशेष): पहली बार 9 जनवरी की रिहर्सल परेड विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित होगी, जिसमें बालिकाओं और महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
  • ऑपरेशन सिंदूर का प्रदर्शन: एसएमएस स्टेडियम में होने वाली ‘शौर्य संध्या’ में 1,000 ड्रोन्स के जरिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गाथा और सेना के पराक्रम का लाइट एंड साउंड शो दिखाया जाएगा।
  • हथियार प्रदर्शनी: भवानी निकेतन में बोफोर्स तोप, आधुनिक टैंक, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन तकनीक को आमजन करीब से देख सकेंगे।
  • नेपाल आर्मी बैंड: इस बार की परेड में नेपाल आर्मी का बैंड भी अपनी धुनों से समां बांधेगा।

संगठनों ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा

जयपुर व्यापार संघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल और अन्य प्रतिनिधियों ने प्रशासन को विश्वास दिलाया कि वे इस आयोजन को “भूतो ना भविष्यति” (जैसा पहले कभी न हुआ हो) बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बैठक में सुरक्षा, सफाई और यातायात डायवर्जन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।

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