जयपुर, राजस्थान की भजनलाल सरकार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें देश-दुनिया की घटनाओं से जोड़ने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश (31 दिसंबर) के अनुसार, अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
नई पहल: प्रार्थना सभा में गूंजेंगे देश-दुनिया के समाचार
विद्यार्थियों को जागरूक और आत्मविश्वासी नागरिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- 10 मिनट का समय: विद्यालय की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन 10 मिनट का समय प्रमुख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और खेलकूद समाचारों के वाचन के लिए समर्पित होगा।
- संपादकीय पर जोर: समाचारों के साथ-साथ महत्वपूर्ण संपादकीय (Editorials) का वाचन भी किया जाएगा, ताकि छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच विकसित हो सके।
- शब्दकोश में सुधार: शब्दावली को मजबूत करने के लिए रोजाना 5 नए शब्दों का अर्थ सहित परिचय कराया जाएगा। यह जिम्मेदारी कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को सौंपी जाएगी।
किस स्कूल में कितने अखबार?
शिक्षा विभाग ने स्कूलों की श्रेणी के अनुसार अखबारों की संख्या और भाषा भी निर्धारित की है:
| स्कूल की श्रेणी | अखबारों की न्यूनतम संख्या | भाषा |
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | 2 | 1 हिंदी और 1 अंग्रेजी |
| राजकीय अंग्रेजी माध्यम (महात्मा गांधी) स्कूल | 2 | 1 हिंदी और 1 अंग्रेजी |
| राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय | 2 | 2 हिंदी भाषा के |
बजट और ‘नो बैग डे’ की विशेष गतिविधियां
अखबारों के खर्च के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शनिवार यानी ‘नो बैग डे’ के दिन विशेष सामूहिक सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की महत्वपूर्ण गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य:
इस निर्णय से विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान (GK) में वृद्धि होगी, उनकी भाषा पर पकड़ मजबूत होगी और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूल स्तर से ही तैयार हो सकेंगे।
