नवाचार से अभेद्य होगी देश की सुरक्षा: जयपुर में ‘शील्ड 1.0’ का आगाज; इंटेलिजेंस और साइबर चुनौतियों का ‘स्मार्ट’ समाधान खोजेंगे देशभर के युवा टेक-माइंड्स

जयपुर: देश की आंतरिक सुरक्षा को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सोमवार को जयपुर स्थित केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण संस्थान (CDTI – Central Detective Training Institute) में दो दिवसीय राष्ट्रीय हैकाथॉन “शील्ड 1.0 – स्मार्ट हैकाथॉन फॉर इंटेलिजेंस, एनफोर्समेंट, लॉ एवं डिफेन्स” (SHIELD 1.0) का विधिवत शुभारंभ हुआ।

29 और 30 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आने वाली आधुनिक और जटिल समस्याओं के लिए तकनीक-आधारित प्रभावी समाधान खोजना है।

देशभर के एक्सपर्ट्स और स्टूडेंट्स एक मंच पर सीडीटीआई (CDTI) के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस हैकाथॉन के माध्यम से देशभर के साइबर विशेषज्ञ, डेवलपर्स और नवाचारी छात्र एक ही मंच पर एकत्रित हुए हैं।

  • फोकस एरिया: यह आयोजन मुख्य रूप से डिजिटल फॉरेंसिक्स (Digital Forensics), साइबर अपराध रोकथाम (Cyber Crime Prevention), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सर्विलांस इंटेलिजेंस जैसे गंभीर और संवेदनशील विषयों पर केंद्रित है।
  • लक्ष्य: इसका लक्ष्य ऐसी उन्नत प्रणालियाँ विकसित करना है, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और अधिक सुदृढ़ बना सकें। युवाओं की रचनात्मक सोच को सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में विस्तार योग्य मॉडल्स (Scalable Models) में बदलना इस हैकाथॉन की पहली प्राथमिकता है।

डेटा एनालिटिक्स और एआई (AI) की महत्ता कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB – National Crime Records Bureau), नई दिल्ली के उप निदेशक श्री प्रशुन गुप्ता उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग और कानून प्रवर्तन में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की महत्ता को रेखांकित किया। श्री गुप्ता ने प्रतिभागियों से आग्रह किया:

“आप ऐसे समाधान विकसित करें जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हों, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में व्यावहारिक और नैतिक रूप से सुरक्षित भी हों।”

अकादमिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सेतु उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में एमएनआईटी (MNIT) जयपुर की डॉ. मीनाक्षी त्रिपाठी और प्रसिद्ध साइबर विशेषज्ञ श्री योगेश राव भी शामिल हुए। उन्होंने नवाचार और स्वदेशी तकनीकी विकास (Indigenous Tech Development) के महत्व पर अपने विचार रखे।

सीडीटीआई (CDTI) निदेशक डॉ. कपूर ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन से ऐसे तकनीकी मॉडल निकलकर आने की उम्मीद है, जो अकादमिक ज्ञान और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली के बीच के अंतर को कम करेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा में सार्थक योगदान देंगे।

कोडिंग राउंड शुरू उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद तकनीकी सत्र और कोडिंग राउंड शुरू हो गए, जिसमें विभिन्न संस्थानों के छात्र पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

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