जयपुर: राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति (प्रमोशन) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की धीमी रफ्तार के कारण लाखों कर्मचारियों का प्रमोशन अटका हुआ है। अब सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नए साल से पहले सभी विभागों को प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
5.72 लाख कर्मचारियों का प्रमोशन लंबित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के 9.97 लाख अफसरों और कर्मचारियों में से करीब 5.72 लाख का प्रमोशन लंबित (ड्यू) चल रहा है। स्थिति यह है कि राज्य के कुल 98 विभागों में से 63 विभागों ने अपने कार्मिकों की प्रमोशन की प्रक्रिया ही पूरी नहीं की है। कुछ विभागों में तो हालात इतने खराब हैं कि वहां 2013 और 2018 से प्रमोशन बाकी हैं। वहीं, 40 से अधिक विभागों में वर्ष 2027-28 की डीपीसी पूरी तरह से लंबित चल रही है।
मुख्यमंत्री को जाएगी लापरवाह अफसरों की रिपोर्ट
कर्मचारी संगठनों द्वारा यह मामला उठाए जाने के बाद अब कार्मिक विभाग के अफसरों पर सख्ती की गई है। नए साल से पहले सभी विभागों को प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए पाबंद किया जा रहा है। जो विभागीय अफसर डीपीसी की बैठकें कर लंबित प्रमोशन नहीं देंगे, उनकी एक अलग रिपोर्ट तैयार कर सीधे मुख्यमंत्री (सीएम) को भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य अगले बजट से पहले इन 5.72 लाख कर्मचारियों को प्रमोशन देना है।
सबसे अधिक लंबित प्रमोशन प्रक्रिया वाले विभागों में पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा, जलदाय और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) शामिल हैं।
शिक्षकों को खटखटाना पड़ा कोर्ट का दरवाजा
प्रदेश में ग्रेड थर्ड और सेकंड ग्रेड शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है। विसंगतियों के कारण इनकी डीपीसी लंबे समय से नहीं हो पाई है, जिससे परेशान होकर हजारों शिक्षकों को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब भी तलब किया है।
डीपीसी को लेकर दूसरी सबसे बड़ी लड़ाई जलदाय विभाग में देखने को मिल रही है। यहां डीपीसी को लेकर कार्मिकों का विरोध जारी है। बड़े इंजीनियरों का मामला जब मंत्री के पास पहुंचा, तब जाकर तय हुआ कि छह माह बाद डीपीसी कराई जाएगी।
मई में होनी थी डीपीसी, 5 माह की हो चुकी है देरी
नियमों के मुताबिक, सभी विभागों को 1 मई तक हर हाल में डीपीसी की प्रक्रिया पूरी करनी थी। लेकिन 5 महीने बीत जाने के बावजूद दो-तिहाई विभाग यह काम नहीं कर पाए।
आगे क्या होगी प्रक्रिया?
अब सभी विभागों को 1 अप्रैल की कर्मचारी की वरिष्ठता को आधार मानते हुए सीनियरिटी लिस्ट (वरिष्ठता सूची) तैयार करनी होगी। इस सूची को चस्पा करने के बाद आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे, और उसके बाद ही डीपीसी की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।