जंगल में भ्रष्टाचार का खुला खेल: अपना ही पैसा वापस लेने के लिए देनी पड़ रही घूस!

जयपुर: राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ अभयारण्य में शूटिंग से जुड़ी सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट-द्वितीय (जयपुर) की टीम ने गुरुवार को नाहरगढ़ अभयारण्य की काला महादेव चौकी पर तैनात एक वनपाल और वनरक्षक को कुल 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

एसीबी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वनपाल श्याम सिंह और वनरक्षक शिवकिशोर के रूप में हुई है। ट्रैप कार्रवाई के दौरान श्याम सिंह को 20 हजार रुपए तथा शिवकिशोर को 30 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

क्या है पूरा मामला? पहले 15 हजार लेने का भी आरोप

एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, एसीबी की स्पेशल यूनिट-द्वितीय को एक परिवादी ने शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आमेर के मावठा क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए शूटिंग कार्य से संबंधित सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने के एवज में वनपाल श्याम सिंह और वनरक्षक शिवकिशोर रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

शिकायत के मुताबिक, वनपाल श्याम सिंह कथित तौर पर पहले ही 15 हजार रुपए रिश्वत के रूप में ले चुका था। इसके बाद वह 20 हजार रुपए और मांग रहा था। वहीं, वनरक्षक शिवकिशोर द्वारा भी 30 हजार रुपए की रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी।

सत्यापन के बाद बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचे गए आरोपी

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने इन आरोपों का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान वनपाल श्याम सिंह की जेब से 20 हजार और वनरक्षक शिवकिशोर से 30 हजार रुपए बरामद किए गए। दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर वन विभाग के भीतर चल रहे रिश्वत प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे का अनुसंधान किया जाएगा। यह पूरी कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में संपन्न की गई।


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