जयपुर: राजधानी जयपुर में ट्रैफिक चालान काटने को लेकर हाल ही में हुए भारी विवाद के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए जयपुर पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) सचिन मित्तल ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत अब यातायात नियमों के उल्लंघन पर केवल अधिकृत पुलिस अधिकारी ही चालान काट सकेंगे। अगर किसी पुलिसकर्मी ने अपनी यूजर आईडी (User ID) किसी अन्य को देकर चालान बनवाया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
क्या है कमिश्नर का नया आदेश?
पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेश क्रमांक 342 में यह स्पष्ट किया गया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई के लिए केवल विभिन्न पुलिस थानों एवं यातायात शाखा के हेड कांस्टेबल (Head Constable) और उससे ऊपर के अधिकारी ही अधिकृत हैं। यानी चालान बनाने का अधिकार केवल निर्धारित रैंक के पुलिस अधिकारियों को ही होगा।
आदेश में इस बात पर विशेष आपत्ति जताई गई है कि कई बार अधिकृत अधिकारी चालान के लिए अपनी यूजर आईडी पुलिस कांस्टेबल को दे देते हैं और उनके माध्यम से चालान कटवाते हैं। कमिश्नरेट ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से अनधिकृत माना है और साफ निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में यूजर आईडी शेयर नहीं की जाएगी।
बजाज नगर विवाद के बाद उठाया गया कदम
कमिश्नर के इस आदेश को हाल ही में बजाज नगर थाना क्षेत्र में हुए चालान विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वहां एक सरकारी कर्मचारी का ट्रैफिक चालान काटने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। मामला इतना तूल पकड़ गया कि नाराज कर्मचारियों ने सीधे सचिवालय में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे को बैकफुट पर आना पड़ा और दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई। इसी विवाद की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह नया आदेश जारी किया गया है।
अब तय होगी सीधी जवाबदेही कमिश्नरेट के इस फैसले को केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने का एक अहम कदम माना जा रहा है।
- अब किसी भी वाहन चालक का चालान काटने से लेकर उसकी डिजिटल एंट्री तक की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर अधिकृत अधिकारी की होगी।
- सिस्टम में यह बिल्कुल स्पष्ट रहेगा कि किस अधिकारी की यूजर आईडी से चालान काटा गया है और मौके पर कार्रवाई वास्तव में किसने की है।
- इससे भविष्य में जनता और पुलिस के बीच होने वाले विवादों में भी असली जिम्मेदार का पता लगाना आसान होगा।
पुलिस कमिश्नरेट ने इस आदेश की प्रतिलिपि सभी पुलिस उपायुक्तों (DCP), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों (ACP), थाना अधिकारियों (SHO), यातायात निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को भेजकर इसकी तत्काल पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।