जयपुर: राजधानी के पुलिस महकमे और सालों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। हाईकोर्ट ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में करीब 8 साल से अटकी हैड कांस्टेबल से पुलिस निरीक्षक (CI) तक होने वाली पदोन्नतियों पर लगी रोक को हटा दिया है।
बुधवार को जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार व पुलिस विभाग को 1989 के नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
2013-14 की पदोन्नति प्रक्रिया को माना सही, नहीं मिला कोई भेदभाव
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व पुलिस विभाग की 2013-14 के खाली पदों पर की गई पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह सही करार दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पहले से चयनित कार्मिकों की वरिष्ठता और पदोन्नति की स्थिति को सुरक्षित रखने का ईमानदार प्रयास किया है। साथ ही, बाद के सालों में पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नियमित कैडर की रिक्तियों को भी सुरक्षित रखा गया है।
अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब संशोधित निर्णय में वैधानिक नियमों का कोई उल्लंघन, स्पष्ट मनमानी, भेदभाव या दुर्भावनापूर्ण कृत्य साबित ही नहीं हुआ है, तो कैडर संख्या या पदोन्नति के खाली पदों के आंकलन में दखल देना या उसे बदलना उचित नहीं है।
2018 के बाद से अटका था प्रमोशन का पहिया, 2011 पद हैं खाली
ज्ञात हो कि जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में 2018 के बाद से हैड कांस्टेबल से सीआई के पद पर होने वाली पदोन्नतियां किन्हीं प्रशासनिक व कानूनी कारणों से अटकी हुई थीं। इसी दौरान अप्रैल 2023 में हाईकोर्ट ने भी पदोन्नतियों पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
प्रमोशन रुकने के कारण कमिश्नरेट में भारी संख्या में पद खाली चल रहे थे। 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कुल 2,011 पद रिक्त हैं। इनमें:
- उप निरीक्षक (SI): 412 पद
- सहायक उप निरीक्षक (ASI): 1,125 पद
- हेड कांस्टेबल (HC): 474 पद शामिल हैं।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब इन हजारों खाली पदों को भरने और लंबे समय से एक ही पद पर सेवाएं दे रहे पुलिसकर्मियों के प्रमोशन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।