-‘A’, ‘B’ और ‘C’ कैटेगरी के तहत 435 खिलाड़ियों का चयन, रजत चौहान, अवनी लेखरा, रवि बिश्नोई और कृष्णा नागर समेत कई दिग्गजों को मिला बड़ा ओहदा
-पुलिस, वन, आबकारी, कारागार और प्रशासनिक विभागों में खिलाड़ियों की पदवार लाइन तैयार
जयपुर। राजस्थान में खेलों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का तोहफा देने के लिए लागू की गई ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति नीति के बड़े परिणाम सामने आए हैं। Expose Now की विशेष पड़ताल के अनुसार, प्रदेश में राजस्थान क्रीड़ा पदक विजेताओं को बिना पारी नियुक्ति नियम के तहत अब तक कुल 435 पदक विजेता खिलाड़ियों का सरकारी सेवा में चयन कर उन्हें विभिन्न पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।

Expose Now के अनुसार, खेल विभाग में पदक विजेता खिलाड़ियों के आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के आवेदन लगातार प्राप्त हो रहे हैं, जिनका गहन जांच व भौतिक सत्यापन कर सरकारी सेवा में पदस्थापन दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों व श्रेणियों में खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर अलग-अलग संवर्गों में बांटा गया है। इनमें ‘ए’ वर्ग के 21, ‘बी’ वर्ग के 22 और ‘सी’ वर्ग के 392 खिलाड़ियों को पदवार नियुक्तियां दी गई हैं।

किस पद पर कितने खिलाड़ियों को मिली नियुक्ति, देखें पदवार पूरी स्थिति:-
Expose Now की पड़ताल के अनुसार, विभिन्न विभागों में पदवार चयनित खिलाड़ियों की संख्या इस प्रकार है:
-उप अधीक्षक पुलिस (DSP): इस प्रतिष्ठित पद पर कुल 10 अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के स्टार खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें क्रिकेटर रवि बिश्नोई, निशानेबाज ओमप्रकाश मिठारवाल, तीरंदाज रजत चौहान, घुड़सवार दिव्यकृति सिंह व जितेन्द्र सिंह, कबड्डी खिलाड़ी शालिनी पाठक, राजू लाल चौधरी व सचिन, रोइंग खिलाड़ी ओमप्रकाश और निशानेबाज मानिनी कौशिक शामिल हैं।

-सहायक वन संरक्षक (ACF): वन विभाग के इस राजपत्रित पद पर पैरा ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 7 खिलाड़ियों को नियुक्ति दी गई है, जिनमें पैरा एथलीट देवेंद्र झाझड़िया, सुंदर सिंह गुर्जर, संदीप सिंह मान, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा, पैरा बैडमिंटन चैंपियन कृष्णा नागर, पैरा निशानेबाज निशा कंवर और निशानेबाज दिव्यांश पंवार शामिल हैं।

सचिन तंवर
-उप निरीक्षक पुलिस (SI): पुलिस महकमे में सब इंस्पेक्टर के पद पर कुल 14 खिलाड़ियों को तैनाती दी गई है, जिनमें सचिन, अनिल गुजराल, दर्शना राठौड़, ममता कुमारी ढाका, कचनार चौधरी और मोनिका जाट सहित अन्य खेल प्रतिभाएं शामिल हैं।
-क्षेत्रीय वन अधिकारी ग्रेड-प्रथम (रेंजर): वन विभाग में रेंजर पद पर कुल 6 पदक विजेता खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिनमें निशानेबाज महेंद्र सिंह व भावेश शेखावत, कबड्डी खिलाड़ी सुमित्रा शर्मा, वॉलीबॉल खिलाड़ी लवमीत कटारिया, बास्केटबॉल खिलाड़ी महिपाल सिंह और हैंडबॉल खिलाड़ी उमा शामिल हैं।
-कोच (प्रशिक्षक): खेल विभाग में एथलेटिक्स, नौकायन और पैरा शूटिंग के 3 खिलाड़ियों को कोच के पद पर नियुक्त किया गया है।
-प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा (पीटीआई/लेक्चरर): शूटिंग की विख्यात खिलाड़ी मोना अग्रवाल को प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा पद पर नियुक्ति दी गई है।

-शारीरिक शिक्षक ग्रेड-द्वितीय: पैरा स्विमिंग की खिलाड़ी किरण टांक को शारीरिक शिक्षक ग्रेड-द्वितीय के पद पर चयनित किया गया है।
-शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक ग्रेड-तृतीय: पैरा तीरंदाज श्याम सुंदर स्वामी को शारीरिक शिक्षक ग्रेड-तृतीय के पद पर नियुक्त किया गया है।
-उप कारापाल (डिप्टी जेलर): जेल विभाग में उप कारापाल पद पर कुल 10 खिलाड़ियों को नियुक्ति दी गई है।
-वनपाल (फॉरेस्टर): वन विभाग में वनपाल पद पर कुल 8 खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
-आबकारी रक्षक एवं आबकारी सिपाही: आबकारी विभाग में सुरक्षा संवर्ग के तहत कुल 21 खिलाड़ियों को आबकारी रक्षक व आबकारी सिपाही के पदों पर नियुक्ति दी गई है।
-कांस्टेबल (पुलिस विभाग): राजस्थान पुलिस में सिपाही (कांस्टेबल) पद पर कुल 20 खिलाड़ियों को चयनित किया गया है।
-लिपिक ग्रेड-द्वितीय (सचिवालय / आरपीएससी): राजस्थान सचिवालय और आरपीएससी में मंत्रालयिक सेवा के तहत कुल 23 खिलाड़ियों को लिपिक ग्रेड-द्वितीय पद पर पदस्थापित किया गया है।
-कनिष्ठ सहायक (जूनियर असिस्टेंट): प्रदेश के विभिन्न राजकीय विभागों में ‘सी’ वर्ग के तहत सर्वाधिक 310 खिलाड़ियों को कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त किया गया है।
खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में नीति बनीं ‘मील का पत्थर’:-
प्रदेश में पदक विजेता खिलाड़ियों को सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक रोजगार देकर खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में यह नीति मील का पत्थर साबित हो रही है। डीएसपी, एसीएफ और सब-इंस्पेक्टर जैसे बड़े पदों से लेकर कनिष्ठ सहायक और कांस्टेबल तक खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति से प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह देखने को मिल रहा है। लंबित आवेदनों के निरंतर निस्तारण और पारदर्शी सत्यापन व्यवस्था के चलते आगामी दिनों में और भी कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now