जयपुर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अलवर जिले की पंचायत समिति कठूमर में तैनात सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) को हजारों रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। राजीव गांधी सेवा केंद्र के मरम्मत कार्य के बकाया बिल को पास करने की एवज में यह कमीशन मांगा जा रहा था। ACB भिवाड़ी चौकी की टीम ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को घूस की रकम के साथ दबोच लिया।
2.52 लाख के भुगतान के एवज में मांग रहे थे ‘कमीशन’
ACB के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी (मैसर्स पोसवाल कंपनी) की फर्म ने ग्राम पंचायत ईटोला में एफएसएसी (FSAC) योजना के तहत टेंडर के जरिए राजीव गांधी सेवा केंद्र के मरम्मत का कार्य करवाया था। इस कार्य का कुल 2,52,000 रुपये का बिल पंचायत समिति कठूमर में अटका हुआ था। जब परिवादी ने बिल के भुगतान के लिए संपर्क किया, तो:
सहायक अभियंता (AEN) शिवराम ने बिल पास करने के बदले 40,000 रुपये की मांग की।
कनिष्ठ अभियंता (JEN) मिन्ना खान ने 15,000 रुपये की रिश्वत मांग कर परिवादी को परेशान करना शुरू कर दिया।


सत्यापन के दौरान ही ऐंठ चुके थे शुरुआती किश्त
परिवादी की शिकायत पर ACB चौकी भिवाड़ी द्वारा 18 सितम्बर 2026 को गोपनीय तरीके से रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान:
AEN शिवराम ने सौदेबाजी के बाद 35,000 रुपये में मामला तय किया और 10,000 रुपये मौके पर ही ऐंठ लिए तथा शेष 25,000 रुपये बाद में लेना तय किया।
JEN मिन्ना खान ने भी 5,000 रुपये एडवांस वसूल लिए और बकाया 10,000 रुपये बाद में लेने पर सहमत हुईं।
ACB का ट्रैप: मौके पर 35 हजार रुपये बरामद
मांग का सत्यापन सही पाए जाने के बाद ACB के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में भिवाड़ी चौकी प्रभारी एवं पुलिस निरीक्षक सुरजीत सिंह के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई। मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने पंचायत समिति कार्यालय में AEN शिवराम को 25,000 रुपये और JEN मिन्ना खान को 10,000 रुपये की रिश्वत राशि (कुल 35 हजार रुपये) सौंपी, पूर्व से मुस्तैद ACB की टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों धर दबोचा।

पूछताछ और अग्रिम अनुसंधान जारी
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के निर्देशन में गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो द्वारा दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PCO Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और ठिकानों की तलाशी शुरू कर दी गई है।
ACB की आमजन से अपील
यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं। ACB के टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर 24×7 संपर्क कर भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग दें। ACB शिकायतकर्ता का काम करवाने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।