हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार: फर्जी पट्टा मामले में CID क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, परिवार पर भी मुकदमे दर्ज

बीकानेर/हनुमानगढ़: हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बहुत बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को सीआईडी-सीबी (CID-CB) और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने बीकानेर जाते समय हिरासत में ले लिया, जिसके बाद शुरुआती पूछताछ के अंत में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सीआईडी द्वारा विधानसभा सचिव को भी दे दी गई है, और सोमवार को पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह पूरी कार्रवाई वर्ष 2003 से जुड़े 23 साल पुराने फर्जी पट्टे जारी करने और धांधली के आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है।

70 से ज्यादा मुकदमे और परिवार पर शिकंजा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल पर विभिन्न मामलों में 70 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। उन पर घग्गर नदी के बहाव क्षेत्र की जमीन बेचने और सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनियां काटने तक के गंभीर आरोप हैं। चर्चा है कि बरसों-बरस से उन पर मुकदमे दर्ज होते रहे हैं, लेकिन अपने राजनैतिक रसूख के चलते अधिकांश मामलों में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगती रही। अब स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद CID क्राइम ब्रांच ने आईपीएस स्तर के अधिकारियों की देखरेख में इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में केवल विधायक ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार भी जांच के घेरे में आ गया है। विधायक की पत्नी संतोष बंसल, पुत्र हनी बंसल (जो बीकानेर में इनकम टैक्स अधिकारी हैं), पुत्र लक्की बंसल और पुत्री सोनू बंसल के खिलाफ भी मामले दर्ज हुए हैं और वे फरार बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि शनिवार को ही हनी बंसल ने अपने विधायक पिता पर मुकदमा दर्ज होने के विरोध में समर्थकों के साथ हनुमानगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया था। फिलहाल CID क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें उनकी तलाश कर रही हैं।

बहुमत के बावजूद चुनाव से पहले खलबली

इस घटनाक्रम के समय को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक भारी हलचल है। यह कार्रवाई ठीक उस मोड़ पर हुई है जब नगर परिषद सभापति पद का चुनाव सिर पर है और विधायक समर्थित खेमा स्पष्ट बहुमत के साथ काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। कुल 60 वार्डों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 15 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। वहीं, विधायक गणेशराज बंसल के गुट वाले निर्दलीय 34 पार्षद और माकपा का 1 प्रत्याशी चुनाव जीतकर आए हैं। बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा होने के बावजूद विधायक की गिरफ्तारी से स्थानीय राजनीति गरमा गई है। वर्तमान में विधायक खेमे ने मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है।

थाने का घेराव और प्रदर्शन

विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थक, व्यापारी और निर्दलीय पार्षद उग्र हो गए। सैकड़ों समर्थक अग्रसेन भवन में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च निकालते हुए जंक्शन पुलिस थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी करने लगे। समर्थकों का नेतृत्व कर रहे अमित महेश्वरी, हरदीप रोड़ीकपुरा, पूर्व पार्षद मदन बाघेला और मुकेश भार्गव ने आरोप लगाया कि विधायक गुट के पार्षदों व व्यापारियों पर जीएसटी, रसद और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों से छापेमारी करवाकर दबाव बनाया जा रहा है।

बढ़ते तनाव को देखते हुए थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग की गई। मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी (SDM) रवि कुमार और डीएसपी मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि सभापति व उपसभापति का चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराया जाएगा और किसी पार्षद को परेशान नहीं किया जाएगा। आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन समर्थकों ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्षता नहीं बरती गई तो आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब दिया जाएगा।


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