फैक्ट्री का ताला तोड़ा, मजदूर बनकर पत्थरों की चोरी! खोराबीसल पुलिस ने 230 रंग-बिरंगे पत्थरों के कट्टे किए बरामद

जयपुर। राजधानी जयपुर के खोराबीसल थाना इलाके में बंद फैक्ट्रियों और सूने परिसरों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बेहद चालाकी से वारदात को अंजाम दिया—उसने बंद पड़ी फैक्ट्री का ताला तोड़ा और फिर खुद को उसका मालिक बताकर किराए के मजदूरों व लोडिंग टेंपो की मदद से पूरा माल पार करा दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रंग-बिरंगे छोटे पत्थरों के 230 कट्टे बरामद किए हैं।

मालिक के बाहर जाते ही रची साजिश

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण के अनुसार, 5 जून 2026 को परिवादी देवेंद्र जायसवाल ने खोराबीसल थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि वह 20 मई को अपने निजी काम से गांव गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उसकी बंद फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर रखे कीमती पत्थरों के कट्टे चुरा लिए। गांव से लौटने पर जब चोरी का पता चला, तब थाने में मामला दर्ज कराया गया।

मजदूरों को झांसा देकर लोडिंग टेंपो में भरवाया माल

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश रजक ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। उसने ताला तोड़ने के बाद बाजार से दिहाड़ी मजदूरों और एक लोडिंग टेंपो को किराए पर लिया। मजदूरों को उसने झांसा दिया कि यह उसी की फैक्ट्री है और माल दूसरी जगह शिफ्ट करना है। मजदूरों ने भी बिना किसी संदेह के फैक्ट्री से 230 कट्टे लोडिंग वाहन में लाद दिए। इसके बाद आरोपी माल को अपनी फैक्ट्री का बताकर ठिकाने लगाने की फिराक में था।

सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से पकड़ा गया आरोपी

वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही इलाके के मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और पूर्व में संपत्ति संबंधी अपराधों में लिप्त रहे अपराधियों से पूछताछ की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध दिनेश रजक को माता होटल के पास, बनाड़ रोड से दस्तयाब कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।

नशे और शौक-मौज के लिए की थी वारदात

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह नशे का आदी है और अपने महंगे शौक पूरे करने व आसानी से रुपये जुटाने के लिए उसने चोरी की यह साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चुराए गए सभी 230 कट्टे रंग-बिरंगे पत्थर बरामद कर लिए हैं। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में उसे केंद्रीय कारागृह (सेंट्रल जेल) जयपुर भेज दिया गया है।

पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस चोरी में आरोपी के साथ अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और वह इन पत्थरों को कहां और किसे बेचने वाला था। इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल राजकुमार, शीशराम, गुरुदयाल और मुकेश कुमार की विशेष भूमिका रही। मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।


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