इलेक्ट्रिशियन ठेकेदार बनकर राजस्थान में फैलाया था मादक पदार्थों का नेटवर्क, ANTF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में अनंतनाग से हुई गिरफ्तारी
जयपुरI एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) राजस्थान ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 17 वर्षों से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे कुख्यात चरस तस्कर और इनामी अपराधी हाजी उर्फ शब्बीर अहमद खान को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी इलेक्ट्रिशियन का ठेका लेने के बहाने राजस्थान में अपने पैर पसार चुका था और दूसरे राज्यों के तस्करों के साथ मिलकर अवैध मादक पदार्थ ‘चरस’ की तस्करी का एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह चला रहा था। आईजीपी विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस गुप्त और साहसिक अभियान में ANTF की टीम ने फिल्मी अंदाज में भेस बदलकर कश्मीर की घाटियों में हफ्तों तक रेकी की और आखिरकार आरोपी को कानून के शिकंजे में कस लिया।

17 साल की फरारी का खेल खत्म, ऐसे हुआ भंडाफोड़
राजस्थान पुलिस के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) विकास कुमार ने बताया कि राज्य में वांछित और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आसूचना (Intelligence) संकलित की जा रही थी। इसी दौरान जीआरपी आबू रोड पुलिस के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे चरस तस्करी के मुख्य सूत्रधार के रूप में हाजी उर्फ शब्बीर अहमद खान का नाम सामने आया।
जांच में पता चला कि आरोपी करीब 17 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। वह कभी अपने ससुराल गोपालपुर तो कभी रिश्तेदारों के यहां छुपकर फरारी काट रहा था। ANTF ने जब उसके बारे में तकनीकी और मैदानी जानकारी जुटाई, तो उसके जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग इलाके में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली।


इलेक्ट्रिशियन का A-Class कार्ड और तस्करी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हाजी उर्फ शब्बीर अहमद बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उसने अपने तस्करी नेटवर्क को कानूनी आवरण देने और राज्यों के बीच बिना किसी संदेह के आवाजाही करने के लिए Electrician Contractor का A-Class कार्ड बनवाया था। इसी कार्ड के बल पर उसने राजस्थान की कई प्रतिष्ठित कंपनियों में बिजली के काम का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया। ठेकेदारी के काम के दौरान उसका राजस्थान समेत अन्य राज्यों के ठेकेदारों, श्रमिकों और स्थानीय लोगों से परिचय बढ़ा। इसी जान-पहचान और संपर्कों के विस्तार का फायदा उठाकर उसने राजस्थान और अन्य राज्यों के तस्करों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया और बड़े पैमाने पर अवैध मादक पदार्थ चरस की आपूर्ति करने लगा।
बाइक राइडर और चरवाहे बनकर घूमी खोजबीन टीम
राजस्थान से जयपुर ANTF की एक विशेष टीम को तुरंत जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लिए रवाना किया गया। चूंकि इलाका बेहद संवेदनशील और अनजान था, इसलिए स्थानीय स्तर पर किसी को शक न हो, इसके लिए ANTF के जवानों ने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली। ANTF के जवान अनंतनाग की संकरी गलियों और पहाड़ियों में कभी ‘बाइक राइडर’ बनकर घूमे तो कभी ‘भेड़-बकरियां चराने वाले चरवाहे’ का रूप धारा। जवानों ने कई दिनों तक मजदूर बनकर वादियों में भटकते हुए अपराधी के घर और आसपास के इलाकों की निगरानी की। वे स्थानीय दुकानों और घाटियों में बैठकर छोटी से छोटी जानकारी जुटाते रहे। स्थानीय संपर्कों से टीम को खबर मिली कि हुलिए से मेल खाता हुआ एक व्यक्ति ग्रे रंग की मारुति 800 कार से इलाके में आता-जाता है।
तीन दिन की घेराबंदी और ऐसे दबोचा गया तस्कर
सूचना मिलने के बाद ANTF की टीम ने संदिग्ध ठिकाने और आपूर्ति केंद्र के आसपास 3 दिनों तक दिन-रात लगातार नजर बनाए रखी। आखिरकार टीम की मेहनत रंग लाई।
एक दिन संदिग्ध ग्रे रंग की 800 कार आती दिखाई दी। ANTF टीम ने विवेकपूर्ण तरीके से कार का पीछा किया। कार सीधे आरोपी हाजी उर्फ शब्बीर अहमद के घर के बाहर जाकर रुकी और उसमें से एक व्यक्ति उतरकर घर के अंदर चला गया। पहचान सुनिश्चित होते ही ANTF ने बिना समय गंवाए स्थानीय जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क किया और उनके सहयोग से घर पर तुरंत छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया।
पकड़े जाने पर चौंका आरोपी: “आतंकवाद के नाम पर ली थी सुरक्षा”
जब ANTF की टीम ने आरोपी को उसके घर में घेरा, तो वह पूरी तरह भौचक्का रह गया। आरोपी ने हैरानी जताते हुए पुलिस अधिकारियों से बार-बार पूछा—”जिस आतंकवाद और धारा के खौफ का फायदा उठाकर मैं 17 सालों से यहां सुरक्षित फरारी काट रहा था, वहां राजस्थान पुलिस के घुसने की हिम्मत कैसे हुई?”
आरोपी को लगता था कि बाहरी राज्यों की पुलिस अनंतनाग जैसे इलाकों में दबिश देने नहीं आ सकती। जब टीम ने उसे अपनी पूरी योजना और 17 साल पुराने केस की केस-फाइल दिखाई, तो आरोपी स्तब्ध रह गया। उसने गिरफ्तारी के बाद ANTF चीफ से मिलने की इच्छा भी जताई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का रहा सराहनीय सहयोग
IGP विकास कुमार ने इस पूरे ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बताया कि ANTF द्वारा गोपनीयरूप से विकसित की गई आसूचना के आधार पर जब आरोपी के ठिकाने का पुख्ता पता चला, तो स्थानीय पुलिस का सहयोग मांगा गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ANTF टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की, जिससे आरोपी हाजी उर्फ शब्बीर अहमद खान केो बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित रूप से गिरफ्तार किया जा सका।
टीम को मिलेगी शाबाशी, पुलिस की आमजन से अपील
ANTF राजस्थान के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि इस जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम के सदस्यों को ANTF मुख्यालय में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित व पुरस्कृत किया जाएगा।
इसके साथ ही, ANTF ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध लेन-देन या किसी अपराधी के संबंध में सूचना देने के लिए आमजन ANTF के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
नियंत्रण कक्ष (Control Room Number): 0141-2502877
व्हाट्सएप नंबर (WhatsApp Number): 9261225056
पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सूचना देने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह से सुरक्षित रखी जाएगी।