जयपुर। रक्षाबंधन के मौके पर जब प्रदेशभर में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपराध से दूर रहने और अच्छे रास्ते पर चलने का संकल्प दिला रही थीं, उसी दौरान राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ANTF ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कलर फोटो’ के तहत आरोपी संदीप राज शर्मा को जयपुर से पकड़ा है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ नशा तस्करी, मारपीट, अवैध हथियार, पुलिस पर फायरिंग, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र सहित 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी जून 2025 से फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस टीम पर फायरिंग कर हुआ था फरार
ANTF के अनुसार संदीप राज शर्मा पुत्र सुरेश चंद, उम्र करीब 31 वर्ष, आच्छीवास, थाना सदर दौसा का निवासी है। जून 2025 में जयपुर में मारपीट के एक मामले में वांछित आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस टीम नंदन विहार कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान पर पहुंची थी।
पुलिस को वहां संदीप के मौजूद होने की जानकारी मिली थी। टीम ने कार्रवाई शुरू की तो आरोपी ने अचानक हथियार निकाल लिया और पुलिसकर्मियों की ओर फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान गोली एक पुलिसकर्मी के हाथ को छूकर निकल गई।
इसके बाद संदीप हथियार लहराते हुए मकान से बाहर निकला और स्कॉर्पियो कार में बैठकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
राजस्थान से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक बदलता रहा ठिकाना
फरारी के दौरान आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदले। पुलिस जांच में सामने आया कि वह राजस्थान के अलावा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी छिपता रहा।
कभी वह छत्तीसगढ़ स्थित अपने ससुराल में रहा तो कभी मध्यप्रदेश में अपने दोस्तों के यहां पनाह लेता रहा। इसके अलावा वह समय-समय पर जयपुर और दौसा भी आता-जाता रहा। पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद करीब एक माह पहले वह छत्तीसगढ़ से दौसा आया था।
दौसा आने के बाद भी उसने एक जगह रुकने के बजाय जयपुर और दौसा में लगातार ठिकाने बदले, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा रह सके।
रेव पार्टी में आने की सूचना ने खोला राज
ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर फरार और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ANTF टीम को सूचना मिली कि 25 हजार रुपए का इनामी संदीप राज शर्मा जयपुर में अपने कुछ ऐसे साथियों के साथ रेव पार्टी करने वाला है, जो एनडीपीएस मामलों में वांछित बताए जा रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए ANTF टीम ने संभावित स्थान की पहचान की और वहां निगरानी शुरू कर दी। पुलिसकर्मी आरोपी और उसके साथियों के पहुंचने का इंतजार करने लगे।
कुछ समय बाद एक व्यक्ति मकान के अंदर पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी और दबिश की भनक लगते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से तैयार ANTF टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक संदीप के साथ पार्टी में शामिल होने वाले उसके कुछ साथी पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद वहां नहीं पहुंचे।
नशा तस्करों से कनेक्शन की भी जांच
ANTF की शुरुआती जांच में आरोपी के संपर्क एनडीपीएस मामलों में वांछित कुछ तस्करों से होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद जांच एजेंसी अब उसके नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि करीब एक साल की फरारी के दौरान संदीप किन-किन लोगों के संपर्क में रहा, उसे किस-किस व्यक्ति ने पनाह दी और उसका नशा तस्करी के नेटवर्क से किस स्तर तक संबंध था।
आरोपी के खिलाफ राजस्थान के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इन मामलों में मारपीट, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र, अवैध हथियार और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
ऑपरेशन कलर फोटो’ के तहत लगातार कार्रवाई
ANTF की ओर से फरार और इनामी अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आरोपी संदीप राज शर्मा की तलाश की जा रही थी।
पुलिस टीम ने आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और उसके संपर्कों पर निगरानी रखी। आखिरकार रेव पार्टी में शामिल होने की सूचना ANTF के लिए अहम सुराग साबित हुई और टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
रक्षाबंधन के दिन सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी
संदीप की गिरफ्तारी रक्षाबंधन के दिन हुई। एक ओर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी अपनी बहनों से राखी बंधवा रहे थे और अपराध से दूर रहने का संकल्प ले रहे थे, वहीं दूसरी ओर ANTF ने पुलिस पर फायरिंग कर फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
इस कार्रवाई को पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की अहम सफलता माना जा रहा है। कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि गंभीर अपराध के बाद लंबे समय तक फरार रहकर कानून से बचना आसान नहीं है।
ANTF महानिरीक्षक ने टीम की सराहना की
ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान के दौरान बेहतर कार्य करने वाली टीमों को मुख्यालय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
ANTF ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी फरार या वांछित अपराधी के संबंध में कोई जानकारी हो तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
ANTF नियंत्रण कक्ष: 0141-2502877
WhatsApp: 9261225056