राजस्थान सरकार ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए लाभार्थियों को समय पर दवाइयां उपलब्ध न कराने वाली 215 प्राइवेट फार्मेसियों के लेन-देन पर अस्थायी रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी मेडिकल स्टोरों का टीएमएस (TMS) अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया था जवाब
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस में दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। लंबे समय से दवा उपलब्ध न कराने वाली फार्मेसियों को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। लेकिन, असंतोषजनक उत्तर मिलने या कारण बताओ नोटिस का कोई जवाब न देने पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
परियोजना अधिकारी (RGHS) डॉ. निधि पटेल ने स्पष्ट किया कि आरजीएचएस का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दवाइयां सुचारु रूप से उपलब्ध कराना है। दवा वितरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद इन मेडिकल स्टोरों पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
किस जिले में कितनी फार्मेसियों पर हुई कार्रवाई?
कार्रवाई की चपेट में आने वाली 215 फार्मेसियों में सबसे अधिक संख्या राजधानी जयपुर की है। प्रमुख जिलों का विवरण इस प्रकार है:
- जयपुर: 39 फार्मेसी (सबसे अधिक)
- अलवर एवं सीकर: 20-20 फार्मेसी
- भरतपुर, चूरू एवं दौसा: 10-10 फार्मेसी
- अजमेर: 9 फार्मेसी
- झुंझुनूं एवं श्रीगंगानगर: 8-8 फार्मेसी
- जोधपुर एवं कोटा: 7-7 फार्मेसी
- हनुमानगढ़ एवं पाली: 6-6 फार्मेसी
- बारां एवं कोटपूतली-बहरोड़: 5-5 फार्मेसी
- इसके अलावा डीग, खैरथल-तिजारा, टोंक, डीडवाना-कुचामन, नागौर, उदयपुर, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, जैसलमेर, जालोर, करौली, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, झालावाड़, सवाई माधोपुर और सिरोही समेत राजस्थान के बाहर दिल्ली व गुरुग्राम की 1-1 फार्मेसी पर भी एक्शन लिया गया है।