राजशाला संभलन ऐप से होगी निगरानी: 31 दिसंबर तक प्रदेश के हर प्राइवेट स्कूल का खुलेगा चिट्ठा

जयपुर: राजस्थान में निजी स्कूलों की मनमानी और लगातार बढ़ती शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने और उन्हें नियमों के दायरे में लाने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत आगामी 31 दिसंबर तक प्रदेश के प्रत्येक निजी स्कूल की गहन जांच की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी ‘राजशाला संभलन ऐप’ के माध्यम से डिजिटल रूप से की जाएगी।

जांच के मुख्य बिंदु

  • फीस वसूली: स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूली जा रही फीस और बोर्ड के निर्धारित नियमों की पालना की जांच।
  • आरटीई नियम: राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश और नियमों के पालन की स्थिति।
  • किताब और यूनिफॉर्म: स्कूलों द्वारा अभिभावकों को विशेष दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करने की व्यवस्था पर रोक लगाने की कार्रवाई।
  • ऑनलाइन रिपोर्टिंग: सभी निरीक्षण अधिकारियों को जांच की पूरी रिपोर्ट एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।

चेतावनी: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई भी निजी स्कूल नियमों की अनदेखी या मनमानी करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


👇 हमारी मुहिम से जुड़ें:

🛑 भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करें!

क्या आपके पास किसी घोटाले की पुख्ता जानकारी है? हमारे 'Secure Drop' पर भेजें। आप नाम बताएँ या पहचान छुपाएँ, यह आपकी मर्जी है। सच को दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।

🔗 सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करें

Share This Article
Leave a Comment