भीलवाड़ा में स्वतंत्रता दिवस पर जातिगत भेदभाव: दलितों को कुर्सी से उठाकर जमीन पर बैठाने का मामला, 5 पर FIR दर्ज
परिचय (Introduction)
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक निंदनीय और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के पावन अवसर पर एक सरकारी स्कूल में जातिगत भेदभाव का गंभीर वाकया देखने को मिला। भाकलिया गांव के राजकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दलित समुदाय के लोगों को कथित तौर पर कुर्सियों से उठाकर जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी गईं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
घटना का विवरण (The Incident)
यह पूरी घटना भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र के भाकलिया गांव स्थित सरकारी स्कूल परिसर में घटी। 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें गांव के तमाम लोग और स्कूली बच्चे शामिल हुए थे।
शिकायतकर्ता रामेश्वरलाल बैरवा (35) और गोपीला बैरवा (37) के अनुसार, वे स्कूल परिसर में लगाई गई कुर्सियों पर बैठे थे। कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षकों ने ही लोगों से कुर्सियों पर बैठने का आग्रह किया था। लेकिन कुछ ही देर बाद, कुछ लोगों ने उनकी जाति पर आपत्ति जताते हुए उन्हें कुर्सियां खाली करने और जमीन पर बैठने का आदेश दिया।
जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया, तो मामला गर्मा गया। आरोप है कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और डराया-धमकाया गया। इतना ही नहीं, पीड़ितों के परिवार की महिलाओं से जुड़ी आंगनवाड़ी को बंद करवाने की धमकी भी दी गई। यह पूरा घटनाक्रम बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ, जिससे पीड़ितों को भारी मानसिक और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा।
वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई (Viral Video & Police Action)
घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब स्थानीय निवासी बद्रीलाल बैरवा द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में स्कूल परिसर के भीतर गरमा-गरम बहस साफ देखी जा सकती है, जहां बच्चे नीचे जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं और कुछ लोग आपस में उलझ रहे हैं।
- एफआईआर दर्ज: पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर बागोर थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
- कानूनी धाराएं: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
- जांच अधिकारी: इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान मांडल सर्किल के डीएसपी राहुल जोशी को सौंपी गई है। बागोर थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी के अनुसार, वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप्स और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर गहनता से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।