जयपुर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा: टैक्सिंग के दौरान NCC के माइक्रोलाइट विमान से टकराई ग्राउंड हैंडलिंग गाड़ी, पायलट और ट्रेनी सुरक्षित

जयपुर:

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अप्रन और रनवे एरिया में सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। NCC के एक माइक्रोलाइट विमान और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी की गाड़ी के बीच हुई टक्कर में विमान क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में विमान में मौजूद पायलट और एनसीसी ट्रेनी कैडेट पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिससे एक बड़ा विमान हादसा टल गया।

टैक्सिंग के दौरान हुआ हादसा

सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार सुबह उस समय हुई जब जयपुर एयरपोर्ट स्थित एनसीसी हैंगर से कैडेट्स की नियमित रूटीन फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट को रनवे की ओर टैक्सिंग कराकर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान एयरपोर्ट पर ग्राउंड सर्विस देने वाली प्राइवेट एजेंसी ‘इंडोथाई’ (Indothai) की एक ग्राउंड व्हीकल गाड़ी अचानक एयरक्राफ्ट के रास्ते में आ गई और सीधे उससे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एनसीसी का यह हल्का विमान क्षतिग्रस्त हो गया।

टला बड़ा हवाई हादसा

एयरपोर्ट के संवेदनशील और व्यस्त हिस्से में हुई इस भिड़ंत के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी और सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए। अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि पायलट और उनके साथ उड़ान भरने जा रहे एनसीसी कैडेट को किसी भी प्रकार की गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई और दोनों सुरक्षित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हादसा एयरक्राफ्ट द्वारा टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने के दौरान रनवे के मुख्य हिस्से के नजदीक होता, तो दुर्घटना का पैमाना काफी बड़ा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट को निरीक्षण के लिए एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, जहां तकनीकी विशेषज्ञों की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी है।

ग्राउंड व्हीकल मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे अति-व्यस्त हवाई अड्डे पर किसी प्राइवेट ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी के वाहन का टैक्सिंग कर रहे विमान के मार्ग में आ जाना एविएशन सेफ्टी के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।

प्रारंभिक सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (AOCC) और ग्राउंड व्हीकल मैनेजमेंट के बीच तालमेल और निगरानी में भारी चूक सामने आई है। एयरसाइड नियमों के तहत, जब भी कोई विमान टैक्सिंग कर रहा होता है, तो ग्राउंड वाहनों को एक निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रोकने और विमान को ‘राइट ऑफ वे’ देने के कड़े विधिक प्रावधान हैं।

फिलहाल, ग्राउंड सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी के ड्राइवर और ऑन-ड्यूटी सुपरवाइजर की भूमिका की गहन जांच की जा रही है कि क्या वाहन चालक को उस समय टैक्सिंग एरिया में जाने की अनुमति थी या उसने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर वाहन आगे बढ़ाया था। इस घटना के बाद एयरपोर्ट की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और ग्राउंड सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


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