जयपुर: राजस्थान में हॉकी के खेल को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में ‘हॉकी राजस्थान’ ने एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है। जयपुर के एक होटल में आयोजित हॉकी राजस्थान की विशेष साधारण सभा की बैठक में राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के सभी प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय खेल नीति और खेल शासन अधिनियम पर मुहर
बैठक के दौरान राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 एवं राष्ट्रीय खेल निकाय नियम-2025 के प्रावधानों को प्रदेश में लागू करने पर गंभीर मंथन किया गया और इस पर सहमति बनी। इसके तहत अब प्रदेश के हर कोने, गांव और ढाणी तक हॉकी के खेल को पहुंचाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत और पदाधिकारियों के विचार
हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में संगठन की मुख्य प्राथमिकता राष्ट्रीय खेल नीति के अनुरूप काम करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले में हॉकी को ग्रास रूट स्तर तक ले जाना और खिलाड़ियों को संवारना होगी।
हॉकी राजस्थान के महासचिव मित्रानन्द पूनिया ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ियों को पर्याप्त और बेहतर खेल सुविधाएं मुहैया कराना संगठन का मुख्य उद्देश्य रहेगा। इस बैठक में हॉकी राजस्थान के उपाध्यक्ष महिपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह शेखावत एवं डॉ. आरती सिंह सहित राजस्थान के सभी 29 जिला संघों के अध्यक्ष एवं सचिव उपस्थित रहे।
गांव-ढाणियों से निकलेंगे हॉकी के नए सितारे
हॉकी राजस्थान के इस ऐतिहासिक निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में दबी हुई खेल प्रतिभाओं को एक नया और मजबूत मंच मिलने की पूरी उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि यदि इन प्रावधानों को पूरी ईमानदारी से धरातल पर उतारा गया, तो आने वाले समय में राजस्थान से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी तैयार होकर सामने आएंगे।