दिनेश चौहान
सहाड़ा (भीलवाड़ा): राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रायपुर कस्बे से हिंदू आस्था से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। बोराणा मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर के एक भवन में फर्श निर्माण के दौरान देवी-देवताओं की तस्वीरों और धार्मिक प्रतीकों वाली टाइल्स का इस्तेमाल किए जाने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
फर्श पर पैरों तले आ रहीं भगवान की तस्वीरें
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थान पर, जहाँ दिनभर मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है, वहाँ फर्श पर देवी-देवताओं की तस्वीरें होने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

- प्राप्त जानकारी के अनुसार, फर्श में भगवान शिव-पार्वती, श्रीकृष्ण, माताजी, गणेश जी, भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की तस्वीरों वाली टाइल्स लगाई गई हैं।
- इसके अलावा फर्श पर स्वास्तिक, लाभ-शुभ, ॐ सहित विभिन्न वैदिक मंत्रों और धार्मिक प्रतीकों वाली टाइल्स भी साफ दिखाई दे रही हैं।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान के फर्श पर देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाना धार्मिक भावनाओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता है। निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी, यह जांच का विषय है।
बीएमओ ने किया निरीक्षण, जल्द टाइल्स हटाने का आश्वासन
मामले की गंभीरता की जानकारी मिलते ही रायपुर ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BMO) अभिनव मीणा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि संबंधित भवन का निर्माण करीब चार साल पहले हुआ था। मामले की पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। ब्लॉक सीएमओ ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही देवी-देवताओं की तस्वीरों वाली इन टाइल्स को ससम्मान हटवाकर फर्श की मरम्मत करवाई जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सार्वजनिक भवनों के निर्माण के लिए सरकारी बजट और नियम तय होते हैं, तो ऐसी आपत्तिजनक टाइल्स लगाने की अनुमति किसने और किस स्तर पर दी थी? जनता मांग कर रही है कि इस लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
