बालोतरा: राजस्थान के बालोतरा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दूदवा उप तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार मंगलाराम मेघवाल ने कथित तौर पर कर्ज के दबाव और आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली है। मृतक नायब तहसीलदार मूल रूप से गुड़ामालानी के रहने वाले थे और सालभर पहले ही रेवेन्यू इंस्पेक्टर से पदोन्नत होकर नायब तहसीलदार बने थे, जिनकी पहली पोस्टिंग दूदवा में ही हुई थी।
कैसे हुआ घटना का खुलासा?
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे पचपदरा थाना इलाके के दूदवा गांव की है। ग्रामीणों के अनुसार, नायब तहसीलदार बाजार में सामान खरीदने और होटल से खाना लेने आए थे। पतवार भवन के सामने स्थित पीएचसी की एक नर्स जब टांके से पानी लेने आई, तो उसने टांके के बाहर कपड़े और जूते देखे। शक होने पर जब उसने टांके के अंदर झांका, तो मंगलाराम का शव तैरता हुआ दिखाई दिया।

नर्स ने तुरंत गांव के प्रशासक और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बालोतरा एसडीएम राजेश विश्नोई और तहसीलदार विशनसिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर बालोतरा के जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
सुसाइड नोट में आर्थिक कारणों का जिक्र
मृतक के कपड़ों की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि दुदवा गांव के किसी भी व्यक्ति से उन्हें कोई परेशानी नहीं है और वे केवल आर्थिक कारणों से यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन पर लाखों रुपए का कर्ज हो गया था, जिसके चलते वे भारी तनाव में चल रहे थे।
वहीं, दूसरी ओर मृतक के बेटे अशोक ने बताया कि वे पटवारघर में अकेले रहते थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गुड़ामालानी में ही रहते थे। जून में वे घर आए थे और उस समय ऐसा कोई मानसिक तनाव या दबाव जैसा मामला सामने नहीं आया था।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घटनास्थल की परिस्थितियों और पारिवारिक संदेह को देखते हुए परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों की मांग पर प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। फिलहाल पचपदरा थाना पुलिस बरामद सुसाइड नोट और साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
