जयपुर: राजस्थान में व्यावसायिक प्रशिक्षकों (वोकेशनल ट्रेनर्स) की विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा संकुल जयपुर में शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। आंदोलनरत प्रशिक्षकों ने ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर स्थायी नीति लागू करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) का मिला साथ
इस आंदोलन को उस समय और अधिक मजबूती मिली, जब अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ धरना स्थल पर पहुंचे और व्यावसायिक प्रशिक्षकों के आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया। उन्होंने प्रशिक्षकों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए सरकार से अपील की कि वे सकारात्मक पहल कर इनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करें।

क्या हैं मुख्य मांगें और समस्याएं?
राजस्थान वोकेशनल ट्रेनर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षक पिछले कई वर्षों से ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। बार-बार टेंडर प्रक्रिया बदलने के कारण उन्हें लगातार अस्थिरता और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- ठेका प्रथा को तुरंत समाप्त कर व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति लागू की जाए।
- बीच सत्र में बेरोजगार किए गए प्रशिक्षकों को पुनः रोजगार दिया जाए।
- सभी प्रभावित प्रशिक्षकों के बकाया मानदेय का समय पर भुगतान करवाया जाए।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रघु पाल सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक राज्य सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना यूं ही जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए व्यावसायिक प्रशिक्षक धरना स्थल पर मौजूद रहे।
