जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और विश्वविद्यालय में अलग से राजस्थानी भाषा का अध्ययन केंद्र खोलने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अब और अधिक गंभीर हो गया है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। गत दिनों स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ने के कारण उन्हें सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ वे आईसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में हैं, लेकिन अस्पताल के भीतर भी उनका अनशन लगातार जारी है।
अस्पताल से शुभम का वीडियो, प्रशासन पर उठाए सवाल
अस्पताल से जारी अपने वीडियो संदेश में शुभम रेवाड़ ने दो-टूक कहा है कि जब तक राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक उनका यह अनशन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में अन्य भाषाओं के अध्ययन केंद्र खोले जाने की बात होती है, लेकिन उससे पहले राजस्थान की माटी की भाषा—राजस्थानी के अध्ययन केंद्र खोले जाने चाहिए, क्योंकि यह प्रदेश का गौरव है।
Expose Now ग्राउंड रिपोर्ट: अस्पताल प्रशासन ने मिलने से रोका
जब ‘Expose Now’ की टीम ने स्थिति का जायजा लेने के लिए SMS अस्पताल का रुख किया, तो अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और चिकित्सकीय कारणों का हवाला देते हुए शुभम से मिलने पर पाबंदी लगा रखी थी और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
जब हमारी टीम ने वहाँ मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से शुभम की सेहत की वास्तविक स्थिति जाननी चाही, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। इसके बाद ‘Expose Now’ ने अस्पताल परिसर में मौजूद शुभम के साथियों और सहयोगियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की वास्तविक जानकारी जुटाई। साथियों के अनुसार, उनकी सेहत अभी भी नाजुक बनी हुई है, लेकिन उनका हौसला और संकल्प पूरी तरह अडिग है।
