नई दिल्ली। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच अब पीड़ितों को न्याय के लिए लंबी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने साइबर ठगी की शिकायतों को दर्ज करने और उनकी जांच प्रक्रिया को सरल, तेज और तकनीक-आधारित बनाने की बड़ी तैयारी कर ली है। अब 1930 या 112 पर कॉल करते ही शिकायत सीधे आपके नजदीकी पुलिस थाने के एसएचओ (SHO) के पास पहुँच जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
नई एसओपी (SOP) के तहत होगा काम
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के अनुरूप तैयार की गई नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत, 1930 और 112 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को अब सीधे संबंधित थाने में स्थानांतरित किया जाएगा। इस नई प्रणाली को इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग हेल्पलाइन से एकीकृत किया गया है। इससे शिकायत दर्ज होने से लेकर जांच शुरू होने तक की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाएगी।
सिस्टम कैसे करेगा काम?
जब कोई पीड़ित 1930 या 112 पर कॉल करेगा, तो सिस्टम स्वतः शिकायत को संबंधित थाने के एसएचओ के पास भेज देगा। इसके बाद पीड़ित को नजदीकी थाने में जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- डिजिटल केस ट्रैकिंग: शिकायत दर्ज होने के बाद पीड़ित को एक ‘डिजिटल केस संदर्भ संख्या’ (टिकट) दी जाएगी, जिससे वह ऑनलाइन अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकेगा।
- साइबर फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सपोर्ट सिस्टम: हर जिले में यह सिस्टम लगाया जाएगा, जो शिकायतों को उनकी गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत करेगा।
- कंप्यूटर इंटीग्रेशन: थानों के कंप्यूटर सीधे साइबर अपराध पोर्टल से जुड़ेंगे, जिससे पुलिसकर्मियों को पीड़ित का विवरण स्क्रीन पर तुरंत मिल जाएगा।
- ऑपरेटर को विशेष सुविधा: यदि कॉल बीच में कट जाती है, तो सिस्टम के ‘कनेक्ट बटन’ के जरिए ऑपरेटर दोबारा पीड़ित से संपर्क कर सकेगा।
समय की होगी भारी बचत
वर्तमान व्यवस्था में 1930 पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित राज्य की नोडल एजेंसी तक पहुँचने और वहां से थाने तक आने में लगभग 48 घंटे का समय लग जाता है। नई व्यवस्था के लागू होने से इस जटिल प्रोसेस से छुटकारा मिलेगा और जांच की गति में काफी तेजी आएगी। यह कदम आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा को अधिक सुलभ और विश्वसनीय बनाने वाला साबित होगा।
