जोधपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा अपनाई गई तकनीक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) ने एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। जोधपुर(Jodhpur) में LDC भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक ऐसे डमी अभ्यर्थी (Dummy Candidate) को गिरफ्तार किया है, जिसने पूर्व में भी एक अन्य परीक्षा में किसी और की जगह पेपर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
गिरफ्तार आरोपी रामचंद्र (23), (Ramchandra) जो बाड़मेर (Barmer) का निवासी है, जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय अल्प भाषा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में LDC भर्ती परीक्षा देने पहुँचा था। परीक्षा के दौरान जब बायोमेट्रिक और फिंगरप्रिंट मिलान (Verification) किया गया, तो AI ने तुरंत चेतावनी दे दी।
AI ने कैसे खोली पोल
एसओजी (SOG) से मिले इनपुट के अनुसार, आरोपी रामचंद्र ने 19 सितंबर 2025 को ‘फोर्थ ग्रेड भर्ती’ (Fourth Grade) परीक्षा में श्रवण कुमार (Shravan Kumar) नाम के एक अभ्यर्थी की जगह बैठकर पेपर दिया था। तब वह किसी तरह बच निकला था। हालांकि, 5 जुलाई 2026 को जब वह फिर से LDC की परीक्षा देने आया, तो ऑनलाइन बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में AI ने पहचान लिया कि जिस व्यक्ति ने पहले ‘श्रवण’ के नाम पर पेपर दिया था, वह अब ‘रामचंद्र’ बनकर आया है।

पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही टीम ने परीक्षा केंद्र के बाहर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने फोर्थ ग्रेड परीक्षा में श्रवण कुमार के नाम से खुद की फोटो लगाकर परीक्षा दी थी। पुलिस ने आरोपी रामचंद्र और उस अभ्यर्थी श्रवण कुमार (जिसके स्थान पर डमी बैठा था) दोनों के खिलाफ उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में एसओजी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
