जयपुर: राजस्थान में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां मानसून के आगे बढ़ने का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ ‘प्री-मानसून’ ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन जलभराव और हादसों ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने आज भी राज्य के 33 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
जयपुर में 1 घंटे में 2 इंच बारिश, सड़कों पर पानी और दर्दनाक हादसे
राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज आंधी के साथ करीब 1 घंटे तक झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार शहर में 50 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश दर्ज की गई। महज एक घंटे की बारिश से जयपुर के कई निचले इलाकों में सड़कों पर समंदर जैसा नजारा देखने को मिला। रामनिवास बाग में रोड पर चलती गाड़ी पर एक भारी नीम का पेड़ गिर गया। इसके अलावा कई जगहों पर बिजली के पोल उखड़ने की भी खबरें हैं। इस बीच जलभराव और नालों के उफान के चलते शहर में एक बच्चे समेत 3 शव मिलने से हड़कंप मच गया है।
चूरू के सरदारशहर में सबसे ज्यादा बारिश, पश्चिमी राजस्थान में उमस
बीते 24 घंटों में राज्य में सबसे ज्यादा बारिश चूरू के सरदारशहर में 56 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा झालावाड़ के सुनैल में 45 मिमी, चित्तौड़गढ़ के गांगरार और भरतपुर के कुम्हेर में 40-40 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोटा में भी दिनभर की उमस के बाद दोपहर में मध्यम से तेज बारिश हुई। हालांकि, पूर्वी राजस्थान में जहां बारिश का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के फलोदी (41.4 डिग्री), श्रीगंगानगर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिले अब भी 40 डिग्री से अधिक तापमान के साथ भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं।
30 जून से होगी मानसून की एंट्री, जुलाई के पहले हफ्ते में पूरे प्रदेश में कवरेज
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून वर्तमान में गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में इसके राजस्थान में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 30 जून से प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और जुलाई के पहले सप्ताह में यह पूरे राजस्थान को कवर कर लेगा।
IMD का आगामी दो सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान (9 जुलाई तक):
- पहला चरण (26 जून – 2 जुलाई): * पूर्वी राजस्थान: कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी।
- पश्चिमी राजस्थान: कहीं-कहीं मेघगर्जन (बिजली चमकने) के साथ बौछारें संभव हैं, लेकिन भारी बारिश के संकेत नहीं हैं। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- दूसरा चरण (3 जुलाई – 9 जुलाई): * पूर्वी राजस्थान: कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी और उदयपुर संभाग में बारिश की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।
- पश्चिमी राजस्थान: अधिकांश भागों में बारिश का वितरण काफी सीमित रहने की संभावना है।
बीते 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश (प्रमुख आंकड़े):
- गांगरार (चित्तौड़गढ़) – 40 मिमी
- कुम्हेर (भरतपुर) – 40 मिमी
- सलूम्बर (उदयपुर) – 30 मिमी
- निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) – 30 मिमी
- चौमूं (जयपुर) – 30 मिमी
- चित्तौड़गढ़ – 30 मिमी
- पिरावा (झालावाड़) – 20 मिमी
- रेलमगरा (राजसमंद) – 20 मिमी
- जमवारामगढ़ (जयपुर) – 20 मिमी
- सावर (अजमेर) – 20 मिमी