EPF जमा पर लगातार तीसरे साल मिलेगा बंपर ब्याज, जून के अंत से शुरू होगी नई व्यवस्था; तुरंत खाते में ट्रांसफर होगा 75% बैलेंस

नई दिल्ली। देश के 7 करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ (EPF) जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत (8.25%) की आकर्षक ब्याज दर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

गौरतलब है कि इस ब्याज दर को तय करने का निर्णय इसी वर्ष 2 मार्च को आयोजित हुई EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था, जिस पर अब केंद्र ने अंतिम मुहर लगा दी है। यह लगातार तीसरा ऐसा साल है जब सरकार ने ब्याज दर को 8.25% के मजबूत स्तर पर बरकरार रखा है, जिससे वेतनभोगी वर्ग को अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न मिलना जारी रहेगा।

जून के अंत से बदलेगी पूरी व्यवस्था, शुरू होंगी ये हाईटेक सुविधाएं

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार अब ईपीएफओ के बुनियादी ढांचे और रिफंड प्रणाली में एक युगांतकारी और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। जून 2026 के अंत तक पीएफ धारकों के लिए UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और ATM के माध्यम से सीधे पीएफ का पैसा निकालने की अभूतपूर्व सुविधा शुरू हो सकती है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पीएफ निकासी की प्रक्रिया न सिर्फ बेहद आसान हो जाएगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों को दफ्तरों या ऑनलाइन पोर्टल के लंबे चक्करों से भी मुक्ति मिल जाएगी।

आपातकाल में तुरंत ट्रांसफर होगा 75% तक बैलेंस

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी कर्मचारी को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो वह अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत (75%) तक का पैसा तुरंत और सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और रियल-टाइम आधारित होगी।

लाभ उठाने के लिए ये 4 शर्तें पूरी होना अनिवार्य:

यदि आप भी EPFO के इस नए और हाईटेक सिस्टम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए:

  1. UAN एक्टिवेशन: कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए।
  2. पूर्ण KYC: ईपीएफ खाते की नो योर कस्टमर (KYC) प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी होनी चाहिए।
  3. पैन और मोबाइल लिंक: खाताधारक का पैन कार्ड (PAN) और चालू मोबाइल नंबर पीएफ अकाउंट से जुड़ा होना अनिवार्य है।
  4. पहचान/बैंक खाता लिंक: खाताधारक का सरकारी पहचान पत्र (Aadhaar) और बैंक खाता पूरी तरह यूएएन से लिंक होना चाहिए।

मंत्रालय के अनुसार, इस डिजिटल अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य दावों के निपटारे में होने वाली देरी को खत्म करना और पीएफओ प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाना है। जून के आखिरी सप्ताह में इस सेवा के लाइव होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।


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