राजस्थान के 6 सीमावर्ती जिलों में विदेशियों के लिए नए नियम लागू, OCI कार्डधारकों को भी लेनी होगी विशेष अनुमति

जैसलमेर। केंद्र सरकार ने राजस्थान के भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों में विदेशी नागरिकों की आवाजाही को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 में संशोधन करते हुए राजस्थान के कई सीमावर्ती क्षेत्रों को ‘प्रोटेक्टेड एरिया’ की नई सूची में शामिल किया है। नए नियमों के तहत अब विदेशी नागरिकों के साथ-साथ ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भी कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।

किन जिलों में लागू होंगे नए नियम?

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, राजस्थान के छह सीमावर्ती जिले नए नियमों के दायरे में आए हैं। इनमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, फलोदी और जालोर शामिल हैं। इन जिलों के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में बिना अनुमति विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों की यात्रा और ठहराव प्रतिबंधित रहेगा।

पहली बार OCI कार्डधारक भी दायरे में

नए संशोधन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार OCI कार्डधारकों को भी इन प्रतिबंधों के दायरे में शामिल किया गया है। अब भारतीय मूल के वे विदेशी नागरिक, जिनके पास OCI कार्ड है, उन्हें भी सीमावर्ती संरक्षित क्षेत्रों में जाने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

पर्यटन स्थलों को मिली छूट

केंद्र सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा है।

जैसलमेर के सम सैंड ड्यून्स, कुलधरा, लोद्रवा, अमरसागर, बड़ा बाग, अकल वुड फॉसिल पार्क, ऊंदा और खुहड़ी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर विदेशी पर्यटक बिना किसी अतिरिक्त परमिट के जा सकेंगे। इन स्थानों तक जाने वाली मुख्य सड़कों के दोनों ओर 500 मीटर तक का क्षेत्र भी प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा।

शहरों की सीमा में नहीं लागू होंगे नियम

अधिसूचना के मुताबिक, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, बीकानेर, फलोदी, पोकरण, जैसलमेर, बाड़मेर और सांचौर के शहरी क्षेत्रों को इन नए नियमों से बाहर रखा गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-62, 11 और 68 के किनारे स्थित शहरों और कस्बों में भी सामान्य आवाजाही जारी रहेगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने, विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर बेहतर निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों के काम को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

यदि कोई विदेशी नागरिक या OCI कार्डधारक प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाना चाहता है, तो उसे पहले से गृह मंत्रालय, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) या संबंधित जिला प्रशासन से विशेष अनुमति लेनी होगी।


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