भीलवाड़ा में फर्जी NEET पेपर लीक गैंग का भंडाफोड़: VPN, प्रॉक्सी और टेलीग्राम के जरिए छात्रों को बना रहे थे शिकार

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने NEET-UG री-एग्जाम से पहले फर्जी पेपर लीक रैकेट का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी VPN और प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का झांसा दे रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

अमेरिका के VPN और प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित VPN सेवाओं और प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग किया। इन तकनीकों की मदद से वह बार-बार अपना डिजिटल लोकेशन बदलता था, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। आरोपी प्रतिबंधित टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों तक पहुंच बनाता था।

टेलीग्राम पर बनाया था ‘पेपर माफिया’ नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने टेलीग्राम पर कई चैनल और ग्रुप बनाए थे, जिनमें वह री-NEET परीक्षा के कथित लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता था। छात्रों और अभिभावकों को भरोसे में लेने के लिए भ्रामक विज्ञापन और संदेश प्रसारित किए जाते थे। फर्जी प्रश्नपत्र के बदले ऑनलाइन भुगतान मांगा जाता था।

किताब से तैयार किया नकली प्रश्नपत्र

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने NEET की एक सामान्य गाइडबुक और पिछले वर्षों के प्रश्नों की मदद से एक नकली पेपर तैयार किया था। इसे असली प्रश्नपत्र बताकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

S-MEC पोर्टल की निगरानी से खुला राज

साइबर निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता लगने पर पुलिस ने आधी रात को कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या धोखाधड़ी को रोका जा सके।

छात्रों और अभिभावकों के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें। NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक किसी की पहुंच संभव नहीं है और ऐसे दावे केवल ठगी का माध्यम हैं।

री-NEET परीक्षा से पहले बढ़ी सतर्कता

21 जून को होने वाली री-NEET परीक्षा से पहले देशभर में साइबर एजेंसियां और पुलिस सतर्क हैं। फर्जी पेपर लीक गिरोहों पर कार्रवाई के तहत सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया है, क्योंकि जांच एजेंसियों के अनुसार इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अफवाह और धोखाधड़ी फैलाने के लिए किया जा रहा था।


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