राजस्थान: 8 नए जिलों में ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ का ऐलान, बाड़मेर-शेरगढ़ की जमीन में खोजा जाएगा खजाना

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राज्य के विकास, न्यायिक व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों में बाड़मेर और शेरगढ़ के इलाकों में बहुमूल्य खनिजों की खोज, 8 नए जिलों में नागरिक सुरक्षा कोर का गठन और राज्य में त्वरित न्याय के लिए एनआईए (NIA) मामलों की विशेष अदालत की स्थापना शामिल है।

बाड़मेर की जमीन उगलेगी ‘खजाना’: रेयर अर्थ एलिमेंट्स की होगी खोज

राज्य में खनन क्षेत्र और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) के एक्सप्लोरेशन (खोज) के लिए माइनिंग लीज के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह खोज पश्चिमी राजस्थान के एक बड़े हिस्से में की जाएगी।

  • क्षेत्र और दायरा: बाड़मेर के पचपदरा और शेरगढ़ के नवातला व देवीगढ़ क्षेत्र में 207.63 वर्ग किलोमीटर इलाके में खनिज ब्लॉक के एक्सप्लोरेशन को मंजूरी दी गई है।
  • किसे मिला लाइसेंस: इस महत्वपूर्ण खोज और एक्सप्लोरेशन का लाइसेंस मैसर्स सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) को सौंपा गया है।
  • प्रभाव: इस कदम से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

8 जिलों को मिली नई ‘फोर्स’: नागरिक सुरक्षा कोर का गठन

आपदा प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 8 जिलों में ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ (Civil Defence Corps) के गठन को हरी झंडी दे दी है। यह बल प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्य करेगा।

जिन जिलों में नागरिक सुरक्षा कोर का गठन होगा:

क्रमांकजिले का नामक्रमांकजिले का नाम
1बालोतरा5खैरथल-तिजारा
2डीडवाना-कुचामन6डीग
3फलौदी7कोटपूतली-बहरोड़
4सलूंबर8ब्यावर

इस पहल से इन नवगठित जिलों में आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

न्यायिक व्यवस्था होगी मजबूत: NIA कोर्ट की स्थापना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) मामलों के लिए एक विशेष न्यायालय की स्थापना को भी अपनी अनुमति प्रदान की है।

  • उद्देश्य: इस विशेष कोर्ट के गठन से राज्य में न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुदृढ़ होगी।
  • लाभ: एनआईए से जुड़े गंभीर और संवेदनशील मामलों का त्वरित निस्तारण (Fast-track disposal) हो सकेगा, जिससे न्याय प्रणाली पर बोझ कम होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन सभी फैसलों को तुरंत प्रभाव से और समय सीमा के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश की जनता को जल्द से जल्द इनका सीधा लाभ मिल सके।

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