जयपुर | राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डालने वाले कमर्शियल संस्थानों के खिलाफ जयपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम ने ‘फायर एनओसी (Fire NOC) नहीं तो कारोबार भी नहीं’ का स्पष्ट संदेश देते हुए मंगलवार को शहर के 4 प्रमुख संस्थानों को 180 दिनों के लिए सीज कर दिया है। सीज किए गए इन संस्थानों में शहर के दो बड़े कोचिंग सेंटर और दो प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट-बैंक्वेट शामिल हैं।
इन 4 संस्थानों पर हुई सीजिंग की कार्रवाई
निगम की टीम ने मंगलवार को अलग-अलग इलाकों में छापेमारी करते हुए इन संस्थानों पर ताला जड़ा है:
- कौटिल्य क्लासेस: गोपालपुरा बाईपास
- शिवालय क्लासेस: गोपालपुरा बाईपास
- किबाना रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट: मानसरोवर
- रॉयल रजवाड़ा रेस्टोरेंट: आमेर रोड
जांच में क्या मिला? जांच टीम ने पाया कि इन चारों संस्थानों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह से नदारद थीं और इनके पास वैध ‘फायर एनओसी’ भी उपलब्ध नहीं थी। निगम ने पूर्व में भी इन संस्थानों को नोटिस जारी कर एक निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन संचालकों ने इन नोटिसों की कोई परवाह नहीं की।
मीडिया रिपोर्ट के बाद हरकत में आया प्रशासन
यह कार्रवाई दरअसल एक मीडिया रिपोर्ट के बाद तेज हुई है। ‘दैनिक भास्कर’ ने मंगलवार के अंक में “निगम मॉकड्रिल-नोटिस तक सीमित: 139 संस्थानों की जांच, 45 बिना एनओसी, 62 में उपकरण बदहाल” शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इस खुलासे के बाद मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटर्स में आग से सुरक्षा की बदहाल स्थिति को लेकर निगम के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और मैदानी स्तर पर यह बड़ी सीजिंग की कार्रवाई की गई।
इस कानून के तहत जड़ा गया ताला
अग्नि सुरक्षा नियमों की अनुपालना न करने पर नगर निगम ने राजस्थान नगरपालिकाएं अधिनियम-2009 की धारा 194(7)(एफ) के तहत यह जब्ती (सीजिंग) की कार्रवाई की है। यह पूरी कार्रवाई जयपुर नगर निगम के आयुक्त ओम कसेरा के सख्त निर्देशों पर और उपायुक्त (फायर) प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पूरी की गई।
निगम ने शहर के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि फायर एनओसी और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए, तो बिना किसी रियायत के उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।