बाड़मेर सुसाइड केस: झुंझुनूं की रहने वाली ग्राम विकास अधिकारी उजाला वर्मा की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिला शव

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले के सेड़वा कस्बे से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ कार्यरत एक महिला ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त महिला अधिकारी कमरे में बिल्कुल अकेली थीं। इस खौफनाक कदम के बाद पूरे प्रशासनिक अमले और स्थानीय इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है।

झुंझुनूं की रहने वाली थीं उजाला वर्मा

मृतका की पहचान उजाला वर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की निवासी थीं। उजाला वर्मा सेड़वा पंचायत समिति की कुंदनपुरा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पद पर तैनात थीं। उनके पास कुंदनपुरा के साथ-साथ कुछ अन्य ग्राम पंचायतों का भी अतिरिक्त कार्यभार (एडिशनल चार्ज) था। काम के सिलसिले में वह सेड़वा कस्बे में ही एक किराए का मकान लेकर रहती थीं, जहां उनके साथ एक अन्य युवती (रूम पार्टनर) भी रहती थी।

बंद कमरे का नहीं खुला दरवाजा, तो हुआ शक

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को उजाला वर्मा अपने कमरे पर अकेली थीं, क्योंकि उनकी रूम पार्टनर किसी काम से बाहर गई हुई थी। शाम के समय कुछ लोग उनसे मिलने के लिए कमरे पर पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई।

फोन पर संपर्क करने की कोशिशों के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो मिलने आए लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।

पुलिस और रूम पार्टनर की मौजूदगी में खुला गेट

सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मृतका की रूम पार्टनर और कुछ अन्य परिचितों को मौके पर बुलाया। सबकी मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देख हर कोई दंग रह गया। कमरे के अंदर उजाला वर्मा का शव फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने तुरंत शव को फंदे से नीचे उतरवाया और अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया।

जांच में जुटी पुलिस, परिजनों का इंतजार

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच और कमरे की तलाशी के दौरान कोई भी सुसाइड नोट या पत्र नहीं मिला है। ऐसे में ‘कौन सा दर्द’ या मानसिक तनाव महिला अधिकारी को इस कदम तक ले गया, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है।

घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के झुंझुनूं से बाड़मेर पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ले रही है। साथ ही मृतका के मोबाइल फोन, रूम पार्टनर और दफ्तर के करीबियों से पूछताछ कर सुसाइड के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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