Expose Now की खबर का बड़ा असर: बीकानेर में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, 62 निजी स्कूलों को नोटिस से मचा हड़कंप!

जयपुर/बीकानेर। नियमों को ताक पर रखकर, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ ‘Expose Now’ की मुहिम का बड़ा और दमदार असर हुआ है। ‘Expose Now’ द्वारा प्रमुखता से मामला उठाए जाने के बाद अब शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने बीकानेर जिले की 62 शिक्षण संस्थाओं पर शिकंजा कसते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है, जिससे निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) किशनदान चारण ने साफ कर दिया है कि नियमों के विरुद्ध चलने वाली इन संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर इनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है।

बिना मान्यता धड़ल्ले से चल रही थीं 11-12वीं की कक्षाएं:-

शिक्षा विभाग की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जिले के कई स्कूल सिर्फ अपर प्राइमरी (उच्च प्राथमिक) की मान्यता पर सेकेंडरी स्कूल चला रहे थे, तो कुछ सेकेंडरी स्कूल बिना किसी अनुमति के सीनियर सेकेंडरी (11वीं और 12वीं) स्तर की कक्षाएं संचालित कर रहे थे। इन स्कूलों के पास न तो माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की मान्यता है और न ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) से कोई स्वीकृति। इसके बावजूद सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाकर अवैध रूप से 11वीं और 12वीं की कक्षाएं चलाई जा रही थीं।

62 स्कूलों को जारी किए नोटिस:-

शिक्षा विभाग ने बीकानेर ब्लॉक की 15, लूणकरणसर की 6, श्रीडूंगरगढ़ की 9, नोखा की 8, खाजूवाला की 6, कोलायत की 8, बज्जू खालसा की 4, और पूगल, पांचू व हदां की 2-2 स्कूलों को लपेटे में लिया है। इनमें 40 से ज्यादा प्राइमरी/अपर प्राइमरी और 20 से अधिक सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

नोटिस पाने वाले प्रमुख संस्थान:

-नोखा व पांचू क्षेत्र: जय हिन्द संस्थान हिम्मतसर, आर्य पुष्पक गुरूकुल जसरासर, आर्मी पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल सोमलसर नोखा, सांई बाबा एज्यूकेशन एकेडमी नोखा, श्री गोरख बाल विद्या निकेतन कुचौर आथुणी, वाणी पाठशाला व मां अंजनी आदर्श विद्या मंदिर (मण्डलावतान देसलसर, पांचू)।

-श्रीडूंगरगढ़ व सेरूणा: टैगोर शिक्षण संस्थान सूडसर, जगदम्बा विद्या मंदिर, मां भगवती शिक्षण संस्थान व मरूधर शिक्षण संस्थान (सेरूणा), अभिनव आदर्श शिक्षण संस्थान दुलचासर, विवेकानंद विकास समिति सूडसर, ए बी एल स्कूल मालासर, कल्पना चावला मेमोरियल सी सै विद्यालय, स्वामी ओमानंद शिक्षण संस्थान सेरूणा।

-खाजूवाला व पूगल: भागीरथी बालिका विद्यालय दंतौर, विकास भारती स्कूल खारवाली, अंजनी सेवा संस्थान विद्यालय 2 के डब्लूएम संसासदेसर, मॉडर्न एज्यूकेशनल एकेडमी अम्बेडकर नगर, सोफिअन माध्यमिक विद्यालय तावणिया कॉलोनी, गुरूकुल इंग्लिश स्कूल सिनेमा रोड, ओम शांति विद्यालय शिवनगर 2 बीडी पूगल, जय मां करणी कोचिंग सेन्टर आशापुरा शिव नगर पूगल।

-लूणकरणसर व अन्य: हसवाहिनी पब्लिक स्कूल महाजन, संस्कार किड्स एकेडमी खारी, दून पब्लिक स्कूल इन्द्रा मार्केट, इम्पीरियल इनोवेटिव स्कूल अरजनसर, शेखावटी शिक्षण संस्थान उप्रा विद्यालय अजरनसर, प्रताप सिंह मेमोरियल शिक्षण संस्थान कालू।

-बीकानेर व कोलायत क्षेत्र: मॉर्डन इंग्लिश स्कूल, जसनाथ पब्लिक स्कूल व टी आर एकेडमी (अक्कासर), गुरू आश्रम विद्यापीठ व श्री मेहाई शिक्षण संस्थान (कानासर), आदर्श सरस्वती शिक्षण संस्थान जयमलसर, के आर बी आदर्श शिक्षण संस्थान डाडूसर, जसवंत बाल विद्या मंदिर, जसनाथ बाल विद्या मंदिर व मां सरस्वती शिक्षण संस्थान (कतरियासर), हैप्पी मिशन शिक्षण संस्थान राजेरा, टिनी आईस लैण्ड किड्स व सेन्टेन हाइट्स (मुक्ता प्रसाद नगर), जागृति शिक्षा पब्लिक स्कूल किलचू देवडान, श्रीराम पब्लिक स्कूल बेनीसर, गोल्डन पब्लिक स्कूल गाढवाला, बीकाजी चिल्ड्रन एकेडमी, श्री महर्षि दयानंद सरस्वती शिक्षण संस्थान बिकेन्द्री भलूरी, एच आर कॉन्वेट स्कूल 25 आरडीवाई रणजीतपुरा, डेजी पब्लिक स्कूल बज्जू तेजपुरा, श्री करणी विद्या मंदिर व जयश्री गुरूकुल डिफेन्स एकेडमी (रणधीसर कोलायत), श्री माधव विद्या मंदिर नोखा दैया, एस एस एम स्कूल कोटडी, शाइनिंग स्टार एकेडमी सियाणा बड़ा, ब्राइट फ्यूचर इंटरनेशनल स्कूल हदां, शुभम बाल उच्च प्राथमिक विद्यालय सर्वोदय बस्ती।

‘डमी एडमिशन’ और ‘कोचिंग नेक्सस’ पर बड़ा प्रहार:-

जांच में एक और काले कारनामे का पर्दाफाश हुआ है—डमी एडमिशन (Dummy Admission)। जिले के कई नामी कोचिंग संस्थान स्कूल के समय में ही अपनी नियमित कक्षाएं चला रहे हैं। इन कोचिंग्स ने निजी स्कूलों के साथ साठगांठ कर रखी है। छात्रों का नामांकन स्कूलों में सिर्फ कागजों पर होता है ताकि वे बोर्ड परीक्षा दे सकें।छात्र स्कूल जाने के बजाय दिनभर कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई करते हैं। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि कोचिंग संस्थान स्कूल के समय में ऐसी कक्षाएं नहीं चला सकते। इनके खिलाफ भी उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।

बीकानेर शहर में महज 2 स्कूलों पर ही कार्रवाई ही क्यों? सरकारी तंत्र पर भी सवाल:-

कार्रवाई तो बड़ी है, लेकिन ‘Expose Now’ इस जमीनी हकीकत से भी आंखें नहीं मूंद सकता कि इस पूरी सूची में बीकानेर शहर की महज दो ही स्कूलें शामिल हैं। जबकि हकीकत यह है कि बीकानेर शहर के भीतर ऐसे दर्जनों कोचिंग संस्थान और डमी स्कूल सीना तानकर चल रहे हैं। इतना ही नहीं, अगर ईमानदारी से सरकारी स्कूलों की भी जांच की जाए, तो एक और बड़ा घोटाला सामने आएगा। सरकारी स्कूल अपने आंकड़े चमकाने और ‘विद्यार्थी संख्या’ बढ़ाने के लिए खुद ऐसे डमी विद्यार्थियों के फॉर्म भरते हैं, जो कभी स्कूल का मुंह नहीं देखते और बीकानेर के बड़े-बड़े कोचिंग सेंटरों में पढ़ रहे होते हैं। शिक्षा विभाग का यह विशेष निरीक्षण अभियान रंग तो लाया है, लेकिन अब सबकी नजर विभाग के अगले कदम पर है। क्या सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति होगी या बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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