देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना की गाइडलाइन जारी: 80 साल पार बुजुर्गों को हवाई सफर नहीं, मेडिकल सर्टिफिकेट होगा अनिवार्य

जयपुर। राजस्थान के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा कराने के उद्देश्य से ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026’ के लिए 27 मई 2026 (आज) से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया खोल दी गई है।

देवस्थान विभाग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पात्र और इच्छुक वरिष्ठ नागरिक आगामी 10 जून 2026 तक इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। इस बार यात्रा के लिए विशेष वातानुकूलित (AC) ट्रेनों और हवाई जहाज (विमान सेवाओं) का उपयोग किया जाएगा। यात्रा, भोजन, ठहरने, चिकित्सा और सुरक्षा का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

आयु सीमा और मूल निवास की मुख्य शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आयु की सटीक गणना के लिए विभाग ने 1 अप्रैल 2026 को आधार (कट-ऑफ डेट) माना है।

मानदंडआवश्यक शर्तें
न्यूनतम आयु60 वर्ष या उससे अधिक (जन्म 1 अप्रैल 1966 से पूर्व का हो)
हवाई सफर हेतु अधिकतम आयु80 वर्ष से कम (80 वर्ष या अधिक उम्र वालों को हवाई यात्रा की अनुमति नहीं)
मूल निवास व दस्तावेजराजस्थान का निवासी, जन आधार कार्ड या अन्य वैध राजकीय दस्तावेज अनिवार्य

हवाई यात्रा पर 80 वर्ष का कड़ा नियम

इस वर्ष योजना में सुरक्षात्मक और तकनीकी कारणों से एक बड़ा बदलाव किया गया है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग इस बार हवाई जहाज के माध्यम से होने वाली तीर्थ यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगे।

विभागीय गाइडलाइंस के अनुसार, 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का बीमा करने में तकनीकी दिक्कतें आती हैं, जिससे टिकट बुकिंग और यात्रा शेड्यूल प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसके अतिरिक्त, हवाई यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति में किसी सहायक (Attendant) को साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कौन नहीं कर सकता आवेदन? (अपात्रता के नियम)

यह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को समर्पित है। ऐसे में देवस्थान विभाग ने संपन्न वर्ग और पूर्व लोक सेवकों को इस योजना से बाहर रखा है:

  • आयकरदाता: यदि आवेदक स्वयं या उसका जीवनसाथी (पति/पत्नी) आयकरदाता (Income Tax Payee) है।
  • पूर्व सरकारी अधिकारी: केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्वायत्तशासी संस्थाओं या पीएसयू से सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी (Retired Gazetted Officer)।
  • भिक्षावृत्ति: भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले नागरिक।

स्व-घोषणा पत्र (वन-टाइम बेनिफिट): योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार (‘वन-टाइम बेनिफिट’) ही लिया जा सकता है। जिन नागरिकों ने पूर्व में कभी भी इस योजना का लाभ उठाया है (चाहे मुख्य आवेदक, सहयात्री या सहायक के रूप में), वे इस बार आवेदन के अयोग्य होंगे। आवेदकों को फॉर्म के साथ इस आशय का एक ‘स्व-घोषणा प्रमाण पत्र’ देना अनिवार्य होगा। गलत जानकारी देने पर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य

चूंकि तीर्थ यात्रा के दौरान लंबी दूरी का सफर तय करना होता है, इसलिए यात्रियों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। आवेदक किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग से ग्रसित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को आवेदन पत्र के साथ पंजीकृत सरकारी या अधिकृत चिकित्सा अधिकारी (Medical Officer) द्वारा जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Certificate) अपलोड करना होगा, जिसमें डॉक्टर द्वारा यह प्रमाणित किया गया हो कि व्यक्ति यात्रा के लिए फिट है।

जीवनसाथी और सहायक (Attendant) साथ ले जाने के नियम

विशेष एसी ट्रेनों से होने वाली रेल यात्रा के लिए विभाग ने सहयात्रियों और सहायकों के लिए सुस्पष्ट नियम तय किए हैं:

  • जीवनसाथी का विवरण: यदि कोई बुजुर्ग अपने पति या पत्नी को साथ ले जाना चाहता है, तो ऑनलाइन आवेदन में ‘जीवनसाथी’ का कॉलम अनिवार्य रूप से भरना होगा।
  • सामान्य नियम: यदि पति-पत्नी दोनों एक साथ रेल यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें अपने साथ अलग से किसी तीसरे व्यक्ति (सहायक) को ले जाने की सुविधा नहीं मिलेगी।
  • 75 वर्ष से अधिक उम्र पर विशेष छूट: यदि पति और पत्नी दोनों की ही आयु 75 वर्ष से अधिक है, तो वे अपने साथ एक सहायक को पंजीकृत कर सकते हैं।
  • सहायक की योग्यता: रेल यात्रा में साथ जाने वाले सहायक की आयु न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सहायक का पूर्ण रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।
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