राजस्थान में व्यापार करना हुआ महंगा: स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने लागू किए नए नियम, जिम, स्पा, पार्लर और होटलों की लाइसेंस फीस 5 गुना तक बढ़ी

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के सभी शहरी निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका) क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले व्यापारियों को सरकार ने एक बड़ा वित्तीय झटका दिया है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने राज्य में होटलों, रेस्टोरेंट्स, जिम, ब्यूटी पार्लर और स्पा जैसे कुल 18 व्यावसायिक श्रेणियों के लिए नए नियम लागू करते हुए इनकी सालाना लाइसेंस फीस (Business License Fees) में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब व्यापारियों को पुराना शुल्क भूलकर 5 गुना तक अधिक प्रीमियम टैक्स चुकाना होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों का संचालन काफी खर्चीला हो जाएगा।

होटलों की स्टार रेटिंग खत्म, कमरों की संख्या और सुख-सुविधाओं पर लगेगा ‘प्रीमियम टैक्स’

नए नियमों के मुताबिक, सरकार ने होटलों की पूर्व में चली आ रही ‘स्टार रेटिंग’ व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब लाइसेंस फीस का निर्धारण होटलों में मौजूद कमरों की संख्या और वहां उपलब्ध लग्जरी सुख-सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा। नए स्लैब के तहत, यदि किसी होटल में 51 से 100 कमरे हैं, तो उसे हर साल 50,000 रुपये की निश्चित लाइसेंस फीस देनी होगी। लेकिन यदि उसी होटल परिसर में स्विमिंग पूल या स्पा जैसी लग्जरी सुविधाएं भी मौजूद हैं, तो यह सालाना फीस बढ़कर सीधे 75,000 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा, बड़े और आलीशान होटलों (100 से अधिक कमरों वाले) की लाइसेंस फीस को और अधिक बढ़ाया गया है।

फिटनेस और लाइफस्टाइल भी महंगी: जिम, पार्लर, स्पा और स्विमिंग पूल पर बढ़ा शुल्क

सरकार के इस नए आदेश की मार केवल होटल इंडस्ट्री पर ही नहीं, बल्कि आम जनता की लाइफस्टाइल और फिटनेस बिजनेस से जुड़े लोगों पर भी पड़ी है:

  • जिम और फिटनेस सेंटर: फिटनेस फ्रीक लोगों के लिए शहर में जिम संचालित करना अब महंगा हो गया है। जिम की सालाना लाइसेंस फीस को ₹2,000 से बढ़ाकर सीधे ₹5,000 कर दिया गया है।
  • स्विमिंग पूल: शहरी इलाकों में पर्सनल और कमर्शियल स्विमिंग पूल संचालकों की फीस में सीधे 5 गुना का उछाल आया है। पहले इसके लिए महज ₹1,000 सालाना देने होते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹5,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है।
  • ब्यूटी पार्लर और स्पा: सैलून, ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर्स की व्यावसायिक श्रेणियों में भी बदलाव कर उनकी दरें बढ़ा दी गई हैं।
  • मोबाइल फूड वैन: छोटे व्यापारियों और सड़कों पर फूड वैन लगाने वालों की सालाना फीस में भी ₹1,000 की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

व्यापारिक संगठनों में भारी रोष, आदेश वापस लेने की मांग

स्वायत्त शासन विभाग द्वारा अचानक लागू किए गए इन कड़े नियमों और बढ़ी हुई दरों के बाद जयपुर व्यापार महासंघ सहित प्रदेश के विभिन्न व्यापारिक संगठनों और होटल एसोसिएशनों ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि आर्थिक मंदी और बाजार के मौजूदा हालातों के बीच फीस में एकमुश्त 5 गुना तक की बढ़ोतरी करना न्यायसंगत नहीं है। इस फैसले से छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों (MSME) पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिससे कई व्यापार बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री से इस जनविरोधी फैसले की समीक्षा करने और बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की पुरजोर मांग की है।

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