जयपुर। राजस्थान में गर्मी की दस्तक के साथ ही प्रदेश के जल संकट की डरावनी तस्वीर सामने आने लगी है। जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल 693 बांधों में पानी का स्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। प्रदेश के छोटे, मझले और बड़े बांधों को मिलाकर वर्तमान में कुल क्षमता का केवल 48.70 प्रतिशत पानी ही शेष रह गया है।
चिंताजनक बात यह है कि पिछले महज 15 दिनों के भीतर प्रदेश के बांधों में से 208.04 मिलियन क्यूबिक मीटर (M.cum) पानी कम हो चुका है। यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले महीनों में राज्य के कई हिस्सों में पीने के पानी और सिंचाई को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

पिछले साल के मुकाबले भारी गिरावट:-
विभाग के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल मानसून के अंत में यानी 30 सितंबर 2025 को प्रदेश के बांध अपनी कुल क्षमता का 90.51 प्रतिशत (11,792.163 M.cum) तक भरे हुए थे। लेकिन पिछले सात महीनों में अत्यधिक दोहन और वाष्पीकरण के कारण वर्तमान में केवल 6,345.191 M.cum पानी ही बचा है।

बांधों की श्रेणीवार स्थिति, छोटे और मझले बांधों की हालत सबसे खराब:-
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को तीन मुख्य श्रेणियों (बड़े, मध्यम और छोटे) में विभाजित किया गया है, जिससे राज्य की वास्तविक जल स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है:-
- 23 बड़े (Major) बांधों का डेटा
प्रदेश की लाइफलाइन कहे जाने वाले 23 सबसे बड़े बांधों की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, लेकिन यहाँ भी संकट मंडरा रहा है:
कुल भराव क्षमता: 8,196.754 M.cum
वर्तमान जल भराव: 4,894.664 M.cum
शेष पानी का प्रतिशत: 59.71%

मुख्य बांधों की वर्तमान स्थिति:-
बीसलपुर बांध अपनी क्षमता का 76.83% (841.985 M.cum) भरा हुआ है।
कोटा का राणा प्रताप सागर 67.75% और कोटा बैराज 98.74% पर बना हुआ है।
बांसवाड़ा का माही बजाज सागर 46.29% (1009.388 M.cum) पर आ गया है।
जबकि जयपुर का रामगढ़ बांध और कालाखसागर पूरी तरह 0% (खाली) पड़े हैं।
- 263 मध्यम एवं लघु बांध (क्षमता 4.25 Mcum से अधिक)
इन बांधों पर स्थानीय कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति निर्भर करती है:
-कुल भराव क्षमता: 4,007.722 M.cum
-वर्तमान जल भराव: 1,283.243 M.cum
-शेष पानी का प्रतिशत: 32.02%
- 407 छोटे बांध (क्षमता 4.25 Mcum से कम)ग्रामीण अंचलों में पानी का मुख्य स्रोत कहे जाने वाले छोटे बांधों की स्थिति सबसे दयनीय है:
-कुल भराव क्षमता: 824.614 M.cum
-वर्तमान जल भराव: 167.283 M.cum
-शेष पानी का प्रतिशत: मात्र 20.29%

प्रदेश के 257 बांध पूरी तरह खाली:-
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के कुल 693 बांधों में से 257 बांध पूरी तरह सूख चुके हैं (Empty), जिनमें बूंद भर पानी नहीं है। राज्य में केवल 10 बांध ही ऐसे हैं जो इस समय 100% भरे हुए हैं (जिनमें अजमेर का आनासागर और जयपुर का कानोता बांध शामिल हैं)। 426 बांध ऐसे हैं जिनमें थोड़ा-बहुत पानी शेष है और वे तेजी से खाली हो रहे हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष:-
आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि जोधपुर ज़ोन (24.59%) और भरतपुर ज़ोन (26.09%) में स्थिति सबसे खराब है। यहाँ के अधिकांश बांध या तो सूख चुके हैं या सूखने की कगार पर हैं। कोटा संभाग चंबल नदी के बांधों की वजह से अभी भी 57.62% जल संचयन के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now