जयपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET-UG) में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान में सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। नीट विवाद को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने जयपुर में एक उग्र और विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में जब हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे, तो उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई।
पुलिस के लिए यह दिन किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था, क्योंकि एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता नीट पेपर लीक के विरोध में भाजपा कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, तो ठीक उसी समय भाजपा मुख्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंकने का कार्यक्रम कर रहे थे। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के एक ही समय पर सड़कों पर उतरने से राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया।
पीसीसी के बाहर जनसभा और डोटासरा का केंद्र पर तीखा हमला
विरोध प्रदर्शन और पैदल मार्च शुरू होने से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के बाहर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।
डोटासरा ने कहा कि पिछले तीन सालों से लगातार नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे देश के लाखों होनहार छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य अंधकार में डूब गया है। डोटासरा ने कहा, “परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर अब देश के युवाओं का कोई भरोसा नहीं बचा है। सरकार को तुरंत प्रभाव से इस संस्था को भंग कर देना चाहिए।”
इसके साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। डोटासरा ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस महा-घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग करती है, ताकि असली दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। इस दौरान कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
“नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में…”
जनसभा के बाद डोटासरा के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम प्रदेश मुख्यालय से पैदल मार्च करते हुए शहीद स्मारक के रास्ते भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय की ओर निकल पड़ा। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
पूरी सड़क पर कांग्रेसियों द्वारा एक ही नारा गूंज रहा था— “नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में।” कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और वे केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
पुलिस से भारी झड़प और हाई-वोल्टेज ड्रामा
चूंकि उसी समय भाजपा कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन (पुतला दहन) कर रहे थे, इसलिए पुलिस और प्रशासन हाई-अलर्ट मोड पर था। जयपुर पुलिस ने शहीद स्मारक और भाजपा कार्यालय के आसपास छावनी जैसा माहौल बना दिया था और कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी।
जैसे ही कांग्रेस का मार्च भाजपा कार्यालय के करीब पहुंचने लगा, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर उन्हें पार करने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच भारी धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। कुछ देर के लिए मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते अंततः पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने होने से रोक लिया और एक बड़े टकराव को टाल दिया।