बीकानेर। बीकानेर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की महत्वाकांक्षी योजना अब कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा स्टेशन के मेजर अपग्रेडेशन का टेंडर निरस्त (Rescind) करने के बाद, निर्माण कंपनी विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड (VPRPL) ने राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण ली है। कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने करोड़ों रुपये की बैंक गारंटी को भुनाने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
रेलवे की कड़ी कार्रवाई, वापस लिया काम:-
उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बड़े फैसले में बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का अनुबंध रद्द करने का नोटिस जारी किया था। यह प्रोजेक्ट ‘VPRPL-KSIPL BKN JV’ (ज्वाइंट वेंचर) को ईपीसी (EPC) मोड पर सौंपा गया था। रेलवे ने अनुबंध की शर्तों और कार्य की प्रगति को आधार बनाकर इस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद संबंधित फर्म के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई थी।
19.94 करोड़ की रिकवरी पर कोर्ट का ब्रेक:-
रेलवे की इस कार्रवाई के खिलाफ पुंगलिया लिमिटेड ने राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में रिट याचिका (SB Civil Writ Petition No. 10651/2026) दाखिल की । कंपनी ने अपनी याचिका में बताया कि रेलवे द्वारा उनकी भारी-भरकम राशि जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आदेश दिया कि:
-बैंक गारंटी पर रोक: कंपनी द्वारा जमा की गई 19,12,15,000 (19.12 करोड़ रुपये) की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी को अगली सुनवाई तक रेलवे द्वारा कैश (Encash) नहीं किया जा सकेगा।
-सुरक्षा जमा (Security Deposit): इसके साथ ही 82,57,000 (82.57 लाख रुपये) की सुरक्षा राशि की जब्ती पर भी वर्तमान में रोक लगी रहेगी।
-राहत का आधार: कंपनी ने तर्क दिया कि उन्होंने अनुबंध को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी है और स्टे एप्लीकेशन के माध्यम से विभाग को बैंक गारंटी भुनाने से रोकने का अनुरोध किया था।
प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल:-
बीकानेर रेलवे स्टेशन का अपग्रेडेशन शहर के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है। रेलवे द्वारा काम वापस लिए जाने और अब मामला कोर्ट में पहुंचने से इस प्रोजेक्ट की समय सीमा पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट के इस स्थगन आदेश (Stay Order) के बाद फिलहाल उन पर कोई तात्कालिक वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
